छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में 3 नए जजों की नियुक्ति का रास्ता साफ, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की सिफारिश
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के रिक्त पदों को भरने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में तीन न्यायिक अधिकारियों को न्यायाधीश नियुक्त किए जाने की सिफारिश की है। 18 अगस्त को हुई कॉलेजियम की बैठक में संतोष शर्मा, सुषमा सावंत और सुधीर कुमार के नामों पर सहमति जताते हुए उनकी नियुक्ति की अनुशंसा की गई।
कॉलेजियम की इस सिफारिश के बाद अब इन तीनों न्यायिक अधिकारियों की हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों अधिकारी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
तीनों न्यायिक अधिकारियों का लंबा अनुभव
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा जिन तीन नामों की सिफारिश की गई है, वे सभी छत्तीसगढ़ न्यायिक सेवा में वरिष्ठ पदों पर कार्यरत हैं और न्यायिक क्षेत्र में लंबे समय से सेवाएं दे रहे हैं।
संतोष शर्मा वर्तमान में कोरबा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने वर्ष 2009 में बिलासपुर से अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में न्यायिक सेवा की शुरुआत की थी। लंबे न्यायिक अनुभव के दौरान उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां संभाली हैं।
सुषमा सावंत वर्तमान में रायपुर में छत्तीसगढ़ शासन के विधि एवं विधायी कार्य विभाग में प्रमुख सचिव के पद पर प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। न्यायिक सेवा और प्रशासनिक कार्यों का उन्हें व्यापक अनुभव है।
वहीं सुधीर कुमार वर्तमान में रायपुर फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं। पारिवारिक मामलों से जुड़े न्यायिक दायित्वों के साथ उन्हें न्यायिक क्षेत्र में लंबे समय का अनुभव प्राप्त है।
हाईकोर्ट में 22 स्वीकृत पद, 13 जज कार्यरत
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के कुल 22 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में इनमें से 13 पदों पर ही न्यायाधीश कार्यरत हैं। इस तरह हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के कई पद लंबे समय से रिक्त हैं। ऐसे में तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति होने से रिक्त पदों की संख्या कम होगी और न्यायिक कार्यों के संचालन में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के बाद हाईकोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 16 हो जाएगी। इससे लंबित मामलों की सुनवाई और मामलों के शीघ्र निराकरण की प्रक्रिया को गति मिलने की संभावना है।
नियुक्ति की आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की ओर से नामों की सिफारिश किए जाने के बाद अब नियुक्ति की संवैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। संबंधित स्तरों पर प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्ति की अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके पश्चात तीनों न्यायिक अधिकारी हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ लेकर कार्यभार संभाल सकेंगे।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे हाईकोर्ट में उपलब्ध न्यायिक क्षमता बढ़ेगी और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।
18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है।
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