खेल दिवस पर भिलाई की प्रभा हुसैन को मुख्यमंत्री के हाथों "शहीद विनोद चौबे सम्मान"
59 वर्ष की उम्र में तीन बार स्काईडाइविंग, चार अंतरराष्ट्रीय मैराथन और लगातार चार साल से 5000 मीटर में देश में प्रथम
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में भिलाई की वरिष्ठ एथलीट श्रीमती प्रभा ठाकुर हुसैन को प्रतिष्ठित "शहीद विनोद चौबे सम्मान" से नवाजा गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव और रायपुर के सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल सहित छत्तीसगढ़ शासन के अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
सेक्टर 1, भिलाई निवासी 59 वर्षीय प्रभा ठाकुर हुसैन बचपन से ही खेलों से जुड़ी रहीं। स्कूल और कॉलेज के दिनों में उन्होंने 21 किलोमीटर अंतरराष्ट्रीय मैराथन में द्वितीय स्थान और 1984 में पंजा कुश्ती में पूरे भारत में प्रथम स्थान हासिल किया। एनसीसी की ओर से वे दो बार दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बनीं, एक बार स्कूल और एक बार कॉलेज की ओर से, जहां मैराथन में उन्हें पूरे भारत में दूसरा स्थान मिला।
शादी के बाद उन्होंने परिवार और बच्चों की परवरिश को प्राथमिकता दी। जब बेटी और बेटा नौकरी में स्थापित हो गए, तब उन्होंने दोबारा मैदान में उतरने का फैसला किया। इस दूसरी पारी की प्रेरणा उन्हें अपने बेटे अफ़रोज़ हुसैन से मिली, जो भिलाई के इकलौते सोलो स्काईडाइवर हैं और 13,000 फीट की ऊंचाई से हवाई जहाज से 112 बार जंप कर चुके हैं।
प्रभा हुसैन कहती हैं, "मैंने सोचा कि जब मेरा बेटा छलांग लगा सकता है तो मैं क्यों नहीं। उसके बाद मैंने तीन बार स्काईडाइविंग की और हौसला ऐसा बढ़ा कि फिर रुकी नहीं।"
उन्होंने दुबई (2022), नीदरलैंड्स (2024) और स्पेन (2025) में 13,000 फीट की ऊंचाई से हवाई जहाज से तीन बार छलांग लगाई।
एथलेटिक्स में उनकी वापसी भी उतनी ही दमदार रही। नेशनल मास्टर्स एथलेटिक चैंपियनशिप के 55+ आयु वर्ग में वे पिछले चार वर्षों से 5000 मीटर दौड़ में लगातार पूरे भारत में प्रथम स्थान पर हैं। 2023 की मेदिनीपुर चैंपियनशिप में उन्होंने 5000 मीटर और लंबी कूद में स्वर्ण, 1500 मीटर में रजत और 800 मीटर में कांस्य पदक जीता। 2024 की हैदराबाद चैंपियनशिप और 2025 के खेलो मास्टर्स गेम्स दिल्ली में भी उन्होंने 5000 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वे एम्स्टर्डम में चार बार भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं, जिनमें टीसीएस एम्स्टर्डम मैराथन (2024 और 2025), ज़ांदाम नाइट मैराथन (2025) और एनएन सीपीसी लूप डेन हाग मैराथन (2026) शामिल हैं। एम्स्टर्डम मैराथन में 140 देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था।
छत्तीसगढ़ी साड़ी पहनकर बुलेट चलाने के लिए भी वे पूरे प्रदेश में जानी जाती हैं।
सम्मान मिलने पर भावुक होते हुए प्रभा ठाकुर हुसैन ने कहा, "शहीद विनोद चौबे जी के नाम का यह पुरस्कार मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। मैं छत्तीसगढ़ की हर महिला से कहना चाहती हूं कि आप भी आगे आइए, खेलों में हिस्सा लीजिए। हौसला मत हारिए, रुकिए मत, बस आगे बढ़ते रहिए।"
उनके पति श्री अख्तर हुसैन, बेटी आफरीन हुसैन और बेटे अफरोज़ हुसैन ने इस पूरी यात्रा में उनका साथ दिया है।
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