छत्तीसगढ़ में फिर बारिश का तांडव! 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, बिजली गिरने का भी खतरा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर एक्टिव हो गया है और प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश ने जोर पकड़ लिया है। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में लगातार बारिश का दौर जारी है। कहीं सड़कें पानी से लबालब हैं तो कहीं नदी-नाले उफान पर हैं। इसी बीच मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के 10 से अधिक जिलों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खासकर नदी-नालों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
छत्तीसगढ़ में फिर बारिश का तांडव! 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, बिजली गिरने का भी खतरा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर एक्टिव हो गया है और प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश ने जोर पकड़ लिया है। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में लगातार बारिश का दौर जारी है। कहीं सड़कें पानी से लबालब हैं तो कहीं नदी-नाले उफान पर हैं। इसी बीच मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के 10 से अधिक जिलों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खासकर नदी-नालों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
इन जिलों में बरसेंगे बादल
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान दुर्ग, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर, कोंडागांव, धमतरी, गरियाबंद और महासमुंद में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
दक्षिण छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियां ज्यादा प्रभावी रहने की संभावना है। बस्तर संभाग के कई जिलों में पहले से बारिश हो रही है। ऐसे में लगातार बारिश के कारण ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में परेशानी बढ़ सकती है।
2 सितंबर तक बना रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ में 2 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है और कुछ स्थानों पर अचानक मौसम बिगड़ने की भी संभावना है।
मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है।
रायपुर में बारिश ने बढ़ाई परेशानी
राजधानी रायपुर में भी बारिश का असर साफ दिखाई दे रहा है। रात से ही कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश के कारण सड़कों पर पानी जमा होने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन रही है।
निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। सरगुजा, बिलासपुर, दुर्ग, रायपुर, महासमुंद और गरियाबंद में तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
वहीं जशपुर, रायगढ़ और बस्तर संभाग के कुछ जिलों में बारिश के साथ बिजली गिरने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बिजली गिरने के दौरान बरतें ये सावधानी
गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहना ज्यादा बेहतर है।
बारिश के दौरान अगर तेज गरज-चमक हो रही है तो बेवजह घर से बाहर निकलने से बचें। जरूरी काम से बाहर जाना हो तो मौसम की स्थिति की जानकारी लेकर ही निकलें।
बस्तर में बढ़ सकता है नदी-नालों का जलस्तर
लगातार बारिश के कारण बस्तर संभाग के कई ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। भारी बारिश के बाद छोटे नदी-नालों में अचानक पानी बढ़ने की स्थिति बन सकती है।
कई ग्रामीण रास्तों और पुल-पुलियों पर पानी आने से आवागमन भी प्रभावित हो सकता है। पानी के तेज बहाव के दौरान किसी भी पुल या रपटे को पार करने की कोशिश करना खतरनाक हो सकता है।
निचले इलाकों में बढ़ेगा जलभराव का खतरा
भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव की समस्या और बढ़ सकती है। नदी किनारे तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
प्रशासन की ओर से लोगों को स्थानीय स्तर पर जारी चेतावनियों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए बारिश महत्वपूर्ण, लेकिन सावधानी जरूरी
खरीफ फसलों के लिए बारिश काफी महत्वपूर्ण है। पर्याप्त बारिश होने से खेतों में नमी बढ़ेगी और फसलों को फायदा मिलेगा। लेकिन लगातार भारी बारिश होने पर खेतों में पानी जमा होने से फसलों को नुकसान भी हो सकता है।
किसानों को खेतों में पानी की निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। जिन खेतों में पानी ज्यादा जमा हो रहा है, वहां समय रहते निकासी की व्यवस्था करना जरूरी है।
बारिश से जनजीवन प्रभावित
प्रदेश में लगातार बारिश के कारण आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्तों और छोटे मार्गों पर आवागमन प्रभावित होने की संभावना है।
लगातार बारिश के कारण आने वाले घंटों में स्थिति और बदल सकती है। ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है।
प्रशासन ने लोगों से की अपील
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले रास्तों पर नहीं जाने और नदी-नालों के पास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि नदी, नाले या पुल-पुलियों के ऊपर पानी बह रहा हो तो उसे पार करने की कोशिश न करें। बारिश के दौरान बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
अगले 24 घंटे बेहद अहम
छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियां फिलहाल सक्रिय बनी हुई हैं। अगले 24 घंटे प्रदेश के कई जिलों के लिए अहम रहने वाले हैं। भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की स्थिति बन सकती है।
ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनी को हल्के में न लें। भारी बारिश वाले इलाकों में रहने वाले लोग सतर्क रहें और मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखें।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान दुर्ग, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर, कोंडागांव, धमतरी, गरियाबंद और महासमुंद में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
दक्षिण छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियां ज्यादा प्रभावी रहने की संभावना है। बस्तर संभाग के कई जिलों में पहले से बारिश हो रही है। ऐसे में लगातार बारिश के कारण ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में परेशानी बढ़ सकती है।
2 सितंबर तक बना रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ में 2 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है और कुछ स्थानों पर अचानक मौसम बिगड़ने की भी संभावना है।
मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है।
रायपुर में बारिश ने बढ़ाई परेशानी
राजधानी रायपुर में भी बारिश का असर साफ दिखाई दे रहा है। रात से ही कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश के कारण सड़कों पर पानी जमा होने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन रही है।
निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। सरगुजा, बिलासपुर, दुर्ग, रायपुर, महासमुंद और गरियाबंद में तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
वहीं जशपुर, रायगढ़ और बस्तर संभाग के कुछ जिलों में बारिश के साथ बिजली गिरने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बिजली गिरने के दौरान बरतें ये सावधानी
गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहना ज्यादा बेहतर है।
बारिश के दौरान अगर तेज गरज-चमक हो रही है तो बेवजह घर से बाहर निकलने से बचें। जरूरी काम से बाहर जाना हो तो मौसम की स्थिति की जानकारी लेकर ही निकलें।
बस्तर में बढ़ सकता है नदी-नालों का जलस्तर
लगातार बारिश के कारण बस्तर संभाग के कई ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। भारी बारिश के बाद छोटे नदी-नालों में अचानक पानी बढ़ने की स्थिति बन सकती है।
कई ग्रामीण रास्तों और पुल-पुलियों पर पानी आने से आवागमन भी प्रभावित हो सकता है। पानी के तेज बहाव के दौरान किसी भी पुल या रपटे को पार करने की कोशिश करना खतरनाक हो सकता है।
निचले इलाकों में बढ़ेगा जलभराव का खतरा
भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव की समस्या और बढ़ सकती है। नदी किनारे तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
प्रशासन की ओर से लोगों को स्थानीय स्तर पर जारी चेतावनियों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए बारिश महत्वपूर्ण, लेकिन सावधानी जरूरी
खरीफ फसलों के लिए बारिश काफी महत्वपूर्ण है। पर्याप्त बारिश होने से खेतों में नमी बढ़ेगी और फसलों को फायदा मिलेगा। लेकिन लगातार भारी बारिश होने पर खेतों में पानी जमा होने से फसलों को नुकसान भी हो सकता है।
किसानों को खेतों में पानी की निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। जिन खेतों में पानी ज्यादा जमा हो रहा है, वहां समय रहते निकासी की व्यवस्था करना जरूरी है।
बारिश से जनजीवन प्रभावित
प्रदेश में लगातार बारिश के कारण आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्तों और छोटे मार्गों पर आवागमन प्रभावित होने की संभावना है।
लगातार बारिश के कारण आने वाले घंटों में स्थिति और बदल सकती है। ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है।
प्रशासन ने लोगों से की अपील
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले रास्तों पर नहीं जाने और नदी-नालों के पास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि नदी, नाले या पुल-पुलियों के ऊपर पानी बह रहा हो तो उसे पार करने की कोशिश न करें। बारिश के दौरान बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
अगले 24 घंटे बेहद अहम
छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियां फिलहाल सक्रिय बनी हुई हैं। अगले 24 घंटे प्रदेश के कई जिलों के लिए अहम रहने वाले हैं। भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की स्थिति बन सकती है।
ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनी को हल्के में न लें। भारी बारिश वाले इलाकों में रहने वाले लोग सतर्क रहें और मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखें।
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