भिलाई। दुर्ग जिले के भिलाई स्थित फिजिक्स वाला कोचिंग सेंटर में सोमवार को अचानक आग लगने से कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया। घटना स्मृति नगर थाना क्षेत्र के नेहरू नगर स्थित कोचिंग सेंटर की है। जिस समय आग लगी, उस दौरान सेंटर में विद्यार्थी अपनी-अपनी कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे थे। हालांकि आग का समय रहते पता चल जाने और कर्मचारियों की तत्परता से बड़ा हादसा होने से टल गया। घटना में किसी विद्यार्थी या कर्मचारी के घायल होने की सूचना नहीं है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग वाटर कूलर में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। अचानक वाटर कूलर से आग उठने के बाद सेंटर में मौजूद कर्मचारियों के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। स्थिति को देखते हुए कर्मचारियों ने बिना समय गंवाए फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल किया और आग को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित कर लिया। इससे आग को कोचिंग सेंटर के दूसरे हिस्सों तक फैलने से रोक दिया गया।
सेंटर हेड तापस चौधरी ने बताया कि वाटर कूलर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की जानकारी सामने आई है। घटना का समय रहते पता चल गया था, जिसके बाद कर्मचारियों ने तत्काल फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग पर काबू पा लिया। उन्होंने बताया कि आग ज्यादा फैलती, उससे पहले ही उसे नियंत्रित कर लिया गया, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
खास बात यह रही कि घटना के समय कोचिंग सेंटर में बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे। आग पर तत्काल नियंत्रण नहीं पाया जाता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। लेकिन कर्मचारियों द्वारा तत्काल कार्रवाई किए जाने से आग विकराल रूप लेने से पहले ही बुझा दी गई। घटना के बाद विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
सेंटर प्रबंधन के मुताबिक, कर्मचारियों को आग से बचाव और आपात स्थिति से निपटने के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षण दिया जाता है। सेंटर हेड तापस चौधरी ने बताया कि कर्मचारियों को हर महीने फायर सेफ्टी की ट्रेनिंग दी जाती है। इसी प्रशिक्षण का फायदा घटना के दौरान मिला और कर्मचारियों ने घबराने के बजाय तुरंत फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल कर आग पर नियंत्रण पा लिया।
घटना ने एक बार फिर कोचिंग सेंटरों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में फायर सेफ्टी इंतजामों की अहमियत को सामने ला दिया है। ऐसे स्थानों पर एक समय में बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहते हैं, इसलिए आग से बचाव के उपकरणों की उपलब्धता के साथ कर्मचारियों को नियमित रूप से आपातकालीन प्रशिक्षण दिया जाना जरूरी है। साथ ही विद्युत उपकरणों और वायरिंग की समय-समय पर जांच भी महत्वपूर्ण है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार घटना में किसी विद्यार्थी अथवा कर्मचारी के घायल होने की खबर नहीं है। आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह वाटर कूलर में हुआ शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। सेंटर प्रबंधन की तत्परता और कर्मचारियों के फायर सेफ्टी प्रशिक्षण के चलते घटना बड़ा रूप लेने से पहले ही नियंत्रित हो गई।
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