गल्ला गोदाम में तड़के सुबह भीषण आग लग गई। यह हादसा मोती चंद जैन के घर के पीछे स्थित बबलू गुप्ता के गल्ला गोदाम में हुआ। आग लगने का अंदाजा सुबह करीब 4 बजे घरवालों को हुआ, जब उन्होंने धुंआ और लपटें उठती देखीं।

गौरेला-पेंड्रा-मारवाही जिले के पेंड्रा के लोहतरैया तालाब क्षेत्र में स्थित गल्ला गोदाम में तड़के सुबह भीषण आग लग गई। यह हादसा मोती चंद जैन के घर के पीछे स्थित बबलू गुप्ता के गल्ला गोदाम में हुआ। आग लगने का अंदाजा सुबह करीब 4 बजे घरवालों को हुआ, जब उन्होंने धुंआ और लपटें उठती देखीं।

गोदाम में आग तेजी से फैलने लगी। परिजनों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस थाने में मदद मांगी, लेकिन वहां से कोई सहायता नहीं मिल सकी। बताया गया कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी की बैटरी खराब होने के कारण समय पर मदद नहीं पहुंच पाई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने खुद मोर्चा संभाला और करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक गोदाम में रखा गल्ले का सारा सामान जलकर खाक हो चुका था।




गनीमत यह रही कि आग पास वाले कमरे में रखी दोना-पत्ता बनाने की मशीन तक नहीं पहुंची, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। फिर भी इस हादसे में लाखों रुपये का माल जलकर नष्ट हो गया है। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, पेंड्रा के लोहतरैया तालाब इलाके में आज सुबह करीब चार बजे के आसपास मोती चंद जैन के घर के पीछे बबलू गुप्ता के गोदाम में भीषण आग लग गई। घर वालों को आग लगने का अहसास हुआ तो बाहर निकलकर देखा तो गोदाम का हिस्सा जल रहा था। जिसके बाद आनन-फानन में पीड़ितों ने दमकल विभाग के साथ स्थानीय पुलिस थाने से भी मदद मांगी। पर वहां से भी पीड़ित लोगों को मदद नहीं मिली, जिसके बाद आसपास के लोगों की मदद से गोदाम में लगी आग पर चार घंटे बाद काबू पाया गया।
आग से लाखों रुपयों का माल जलकर खाक हो गया। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है। वहीं, पीड़ित परिवार के लोगों ने बताया कि दमकल विभाग ने गाड़ी की बैटरी न होने का कारण बताकर टाल दिया। हालांकि, सभी आसपास के लोग तत्काल आग बुझाने में जुट गए। जिसके चलते गोदाम के पास वाले रूम में रखी हुई दोना-पत्ता बनाने की मशीन आग की चपेट में नहीं आई और एक बड़ा नुकसान होने से बच गया।







































