भिलाई इस्पात संयंत्र में मौत का हादसा या सुरक्षा में चूक? चलती मशीन के बकेट और दरवाजे के बीच फंसा 33 वर्षीय ठेका श्रमिक
भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में सोमवार 14 सितंबर की शाम हुए एक दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर संयंत्र में कार्यरत ठेका श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोक ओवन एवं कोल केमिकल विभाग के एमसीआर-3 क्षेत्र में हुए हादसे में 33 वर्षीय ठेका श्रमिक ललित कुमार साहू की मौत हो गई। ललित स्किड स्टीयर लोडर के सामने के दरवाजे और बकेट के बीच फंसा हुआ मिला। हादसे के बाद उसे तत्काल संयंत्र की चिकित्सा इकाई ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, ललित कुमार साहू मेसर्स उत्कल प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड में संविदा कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। घटना के समय वह सामान्य पाली में ड्यूटी पर था। सोमवार शाम करीब 4:35 बजे कोक ओवन एवं कोल केमिकल विभाग के एमसीआर-3 क्षेत्र में अचानक तेज आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर आसपास काम कर रहे कर्मचारी तत्काल घटनास्थल की ओर पहुंचे।
मौके पर पहुंचने पर कर्मचारियों ने ललित कुमार साहू को ‘हेमन’ मेक स्किड स्टीयर लोडर के सामने के दरवाजे और बकेट के बीच फंसा हुआ पाया। बताया गया कि उस समय मशीन चालू अवस्था में थी। हादसा किस तरह हुआ और श्रमिक मशीन के इस हिस्से के बीच किन परिस्थितियों में पहुंचा, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
घटना के बाद मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल उसे मशीन से बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। काफी प्रयास के बाद श्रमिक को बाहर निकाला गया और एम्बुलेंस की सहायता से तत्काल एमएमपी-1 ले जाया गया। वहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने उसकी जांच की और ललित कुमार साहू को मृत घोषित कर दिया।
हादसे की सूचना मिलते ही संयंत्र के संबंधित अधिकारी भी सक्रिय हुए। घटना की परिस्थितियों को लेकर जांच की जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा किस वजह से हुआ, मशीन किस स्थिति में थी और उस समय निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा था या नहीं।
इस दर्दनाक हादसे ने भारी मशीनों के आसपास काम करने वाले ठेका श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संयंत्र में स्किड स्टीयर लोडर जैसी भारी मशीनों का संचालन और उनके आसपास श्रमिकों की आवाजाही अत्यंत संवेदनशील विषय है। ऐसे में मशीन की तकनीकी स्थिति, ऑपरेशन के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षा प्रक्रिया, श्रमिकों की ट्रेनिंग और मौके पर मौजूद निगरानी व्यवस्था की जांच अहम मानी जा रही है।
मृतक ललित कुमार साहू मूल रूप से राजनांदगांव क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। हादसे की सूचना उसके परिजनों को दे दी गई है। 33 वर्षीय ललित की अचानक मौत की खबर से परिवार में मातम पसरा हुआ है। जिस उम्र में परिवार के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी उसके कंधों पर थी, उसी उम्र में एक औद्योगिक हादसे ने उसकी जिंदगी छीन ली।
भिलाई इस्पात संयंत्र देश के प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में नियमित कर्मचारियों के साथ ठेका श्रमिक भी अलग-अलग विभागों में काम करते हैं। ऐसे में कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन और भारी मशीनों के संचालन के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
फिलहाल ललित कुमार साहू की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर वह स्किड स्टीयर लोडर के सामने के दरवाजे और बकेट के बीच कैसे फंसा। क्या यह केवल एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना थी या सुरक्षा प्रक्रिया में कहीं चूक हुई? इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। हालांकि इस घटना ने संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्था और ठेका श्रमिकों के लिए लागू सुरक्षा प्रोटोकॉल की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
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