भारती विश्वविद्यालय,दुर्ग का प्रथम दीक्षांत समारोह संपन्न,समारोह में 86 को पीएचडी की उपाधि,9 स्वर्ण पदक और 146 डिग्रीयां की गई प्रदान

भारती विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह संपन्न

दुर्ग, शिक्षा, शोध एवं सामाजिक दायित्व के प्रति अपने संकल्प को साकार करते हुए भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग ने आज अपना प्रथम दीक्षांत समारोह अत्यंत गरिमामय, भव्य एवं प्रेरणादायी वातावरण में आयोजित किया। यह अवसर विश्वविद्यालय के शैक्षणिक इतिहास में एक मील का पत्थर के बतौर स्थापित हो गया ।
समारोह का आरंभ राष्ट्र गान , राज्य गीत और विश्वविद्यालय के कुलगीत के गायन से हुआ ।मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा थे , जिन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में डाक्टर व्ही के गोयल, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग उपस्थित रहे। श्रीमती रजनी बघेल ,श्री सुरेंद्र कौशिक जिला भाजपा अध्यक्ष, होलिस्टीक फाउन्डेशन की चेयर परसन श्रीमति दिशा चंद्राकर सहित अनेक शिक्षाविद्, प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य अतिथि समारोह की शोभा बढ़ाने उपस्थित रहे।
इस ऐतिहासिक दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय से अध्ययन पूर्ण कर चुके विद्यार्थियों को औपचारिक रूप से उपाधियाँ प्रदान की गईं, कुल 85 शोधार्थियों को पीएच.डी., 215 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर तथा 335 विद्यार्थियों को स्नातक उपाधियाँ प्रदान कर उन्हें राष्ट्र एवं समाज की सेवा के लिए अग्रसित होने कुलपति डॉ. प्रोफेसर बी एन तिवारी द्वारा दीक्षित किया गया। उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों में इस उपलब्धि को लेकर विशेष उत्साह एवं गर्व का वातावरण देखने को मिला।


इस अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा विश्वविद्यालय की वार्षिक पत्रिका, लोगो, विश्वविद्यालय ध्वज एवं कुलगीत का विधिवत अनावरण किया गया, जो विश्वविद्यालय की पहचान, मूल्यों एवं भावी दृष्टि को प्रतिबिंबित करता है।
समारोह के दौरान शिक्षा विशेषकर शोध एवं सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए विश्वविद्यालय के डायरेक्टर डॉ. आर.पी. अग्रवाल को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का कुशल एवं अनुशासित संचालन रजिस्ट्रार डॉ वीरेन्द्र कुमार स्वर्णकार द्वारा किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सुशील चंद्राकर, संयुक्त प्रबंध संचालक द्वय श्रीमती शालिनी चंद्राकर, श्री जय चंद्राकर, सी ई ओ श्री प्रभजोत भुई ,डायरेक्टर डॉ घनश्याम साहू , डीन एकेडमिक्स डाक्टर आलोक भट्ट, डाक्टर अनिल दुबे , डॉ मानस रंजन होता तथा विश्वविद्यालय निर्देशक श्री रजनीश चंद्राकर , संकाय सदस्य, शोधकर्ता एवं कर्मचारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में मुख्य अतिथि श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि “शिक्षा ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है,भारती विश्वविद्यालय ने अल्प समय में जिस प्रकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में प्रगति की है, वह प्रशंसनीय है। यह विश्वविद्यालय भविष्य में छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगा।” उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को अपनाने और समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने का आह्वान किया।उन्होने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा आर्टिफिशल इन्टेलिजेन्स को अपनाने और उसके स्वान्गिकरण पर विशेष जोर दिया ।