भारती विश्वविद्यालय मे विधिक मध्यस्थता प्रतियोगिता आयोजित
भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग के विधि संकाय ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान मे तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में मध्यस्थता प्रतियोगिता आयोजित की। प्रतियोगिता में कुल 9 टीमों ने भाग लिया, प्रतियोगिता मे मध्यस्थ की भूमिका विधि संकाय के सदस्यो क्रमशः सुश्री दीपन्विता चट्टर्जी, सुश्री संजना गोयल, श्रीमती सुष्मिता बोस, सुश्री योगिता सिन्हा और सुश्री आकांक्षा झा ने निभाई।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश दुर्ग, श्री अनीश दुबे, स्थायी लोक अदालत की अध्यक्ष श्रीमती सुष्मा लाकरा, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (दुर्ग) श्री भूपेश कुमार बसंत, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री उमेश कुमार णभगवतकार, , तृतीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी (दुर्ग) कुमारी कामिनी जायसवाल, तथा सिविल न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन) कुमारी ऐश्वर्या दिवान उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार आरती राजपुरोहित और पायल अगलावे की टीम ने जीता, जिन्हें श्री अनीश दुबे द्वारा सम्मानित किया गया। द्वितीय पुरस्कार अनिरुद्ध पचकावड़े और चेतना की टीम को मिला, जिन्हें श्रीमती सुष्मा लाकरा ने पुरस्कृत किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के चांसलर श्री सुशील चंद्राकर, प्रो वाइस चांसलर डॉ. आलोक भट्ट, तथा निदेशक डॉ. आर. पी. अग्रवाल ने उपस्थित रह छात्रों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम का संचालन विधि संकाय सदस्य सुश्री सरिता गुप्ता द्वारा विभागाध्यक्ष डॉ. आस्था चतुर्वेदी और विधिक सहायता प्रकोष्ठ की प्रमुख सुश्री संपदा बैस के मार्गदर्शन में हुआ। यह आयोजन छात्रों के मध्यस्थता कौशल को निखारने और विधिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।
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