रायपुर में हैवानियत की हद! 3 साल की मासूम से दरिंदगी का आरोप, AIIMS का सिक्योरिटी गार्ड गिरफ्तार
रात 2 बजे पुलिस ने आरोपी को दबोचा, पॉक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के आमानाका थाना क्षेत्र से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां महज तीन साल की मासूम बच्ची के साथ कथित यौन शोषण का गंभीर आरोप लगा है। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी परमानन्द ध्रुव को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी टाटीबंध बस्ती के साहू पारा का निवासी बताया जा रहा है और रायपुर स्थित एम्स अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करता था। घटना के सामने आने के बाद इलाके में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
खेलने गई थी मासूम, आरोपी के घर में हुई घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीन वर्षीय बच्ची खेलने के लिए घर से निकली थी। इसी दौरान वह पड़ोस में रहने वाले आरोपी परमानन्द ध्रुव के घर पहुंच गई। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने बच्ची के साथ यौन शोषण किया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद मामला आमानाका थाना पुलिस तक पहुंचा।
बच्ची की उम्र महज तीन वर्ष होने के कारण मामला बेहद संवेदनशील है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई शुरू की और आरोपी की तलाश करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
रात करीब दो बजे पुलिस ने की गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में आमानाका थाना पुलिस ने कार्रवाई की। डीसीपी वेस्ट रॉबिन्सन गुरिया, एडीसीपी राहुल देव शर्मा और एसीपी देवांश राठौर के निर्देशन में थाना प्रभारी सुधांशु बघेल एवं उनकी टीम ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की।
पुलिस ने रात करीब दो बजे आरोपी परमानन्द ध्रुव को गिरफ्तार कर लिया। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के विरुद्ध संबंधित कानूनी धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(2) तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) की धारा 4 और 6 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पॉक्सो अधिनियम बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने वाला विशेष कानून है। इसके तहत बच्चों के विरुद्ध यौन अपराधों के लिए कठोर दंड का प्रावधान है। मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
एम्स में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में करता था काम
गिरफ्तार आरोपी परमानन्द ध्रुव रायपुर स्थित एम्स अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत बताया जा रहा है। हालांकि, घटना अस्पताल परिसर में नहीं, बल्कि आरोपी के घर पर होने का आरोप है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
तीन साल की बच्ची से जुड़े इस गंभीर मामले ने छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बच्चों की सुरक्षा के लिए परिवार और आसपास के लोगों की सतर्कता के साथ-साथ ऐसे मामलों में त्वरित शिकायत और कानूनी कार्रवाई भी महत्वपूर्ण है।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपों की सत्यता और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का निर्धारण जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होगा। आरोपी को दोषी ठहराने का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा ही किया जाएगा।
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