रायपुर। शहर के जीई रोड स्थित एनआईटी के पास बने साइंस कॉलेज मैदान की चौपाटी को हटाने की कार्रवाई को लेकर मंगलवार देर रात से ही राजनीतिक घमासान शुरू हो गया। चौपाटी हटाने की प्रशासनिक तैयारी की खबर मिलते ही कांग्रेस नेता अपने समर्थकों और दुकानदारों के साथ मौके पर ही पहुंच गए और रातभर धरने पर बैठे रहे। कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को मनमानी बताते हुए तीखा विरोध दर्ज कराया।

रात के समय तनाव तब और बढ़ गया जब रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत के आवास के सामने कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हो गई। स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाए इसलिए पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा। इसी दौरान पूर्व पार्षद पति प्रीतम ठाकुर और कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री सुबोध हरितवाल के बीच हाथापाई की नौबत आ गई, जिससे माहौल और गरमाता चला गया।कांग्रेस नेता विकास ने आरोप लगाया कि चौपाटी हटाने का निर्णय राजनीतिक जिद का नतीजा है। उनका कहना था कि एक नेता की हठधर्मिता के कारण करीब 10 करोड़ रुपये की मेहनत, निवेश और रोज़गार को एक झटके में समाप्त किया जा रहा है। विकास ने मौके पर खड़ी जेसीबी मशीन की ओर इशारा करते हुए कहा— “यह चौपाटी तभी हटेगी जब यह मशीन मेरे ऊपर से गुजरकर जाएगी।” उनके इस बयान के बाद समर्थकों में और अधिक नाराज़गी फैल गई और नारेबाजी तेज हो गई।



बुधवार सुबह हालात तब और गरम हो गए जब पुलिस बल और नगर निगम का अमला जेसीबी क्रेन तथा अन्य उपकरणों के साथ चौपाटी हटाने पहुंचे। पुलिस ने पहले इलाके को घेरा, फिर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की। कांग्रेस समर्थकों ने जोरदार विरोध करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी और विधायक राजेश मूणत के खिलाफ भी तीखे शब्दों में प्रदर्शन किया। मौके पर मौजूद दुकानदारों ने कहा कि यह चौपाटी वर्षों से उनकी आजीविका का केंद्र रही है और अचानक बिना समुचित विकल्प दिए इसे हटाने का निर्णय अनुचित है। उनका कहना था कि प्रशासन को पुनर्वास की व्यवस्था के बिना कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।


स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग करते हुए उन्हें मौके से दूर खदेड़ना शुरू किया। कुछ प्रदर्शनकारियों को अस्थायी रूप से हिरासत में लेने की भी खबर है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि चौपाटी हटाने की कार्रवाई नगर निगम के आदेश के अनुसार की जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। वहीं कांग्रेस ने इस पूरी कार्रवाई को “दमनकारी” बताया है। घटना के कारण जीई रोड क्षेत्र में सुबह से ही ट्रैफिक धीमा रहा। स्थानीय लोगों ने बताया कि रातभर से चल रहे विवाद के कारण माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। फिलहाल प्रशासन कार्रवाई जारी रखने के मूड में दिख रहा है, जबकि कांग्रेस ने इसे बड़े आंदोलन का मुद्दा बनाने की चेतावनी दी है। आने वाले समय में यह विवाद और राजनीतिक रूप ले सकता है।




































