रायपुर से भिलाई तक ‘किडनैपिंग-लूट’ का खौफनाक खेल! युवक को कार में अगवा कर बेरहमी से पीटा, जबड़े में 3 जगह फ्रैक्चर; बैट तक टूट गए
रायपुर से एक युवक के कथित अपहरण के बाद उसे भिलाई लाकर लूट और बेरहमी से सामूहिक मारपीट किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि अनिकेत नामक युवक को मोवा इलाके से कार में बैठाकर अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया और रास्ते में उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि कुम्हारी टोल प्लाजा के आसपास उससे ब्रेसलेट, गले की चेन, अंगूठी, दो मोबाइल फोन और 40 हजार रुपये नकद छीन लिए गए। इसके बाद उसे भिलाई ले जाकर कई युवकों ने घेर लिया और बेसबॉल बैट तथा क्रिकेट बैट से कथित रूप से बेरहमी से पीटा।
मारपीट इतनी गंभीर होने का दावा किया गया है कि हमले के दौरान दो बेसबॉल बैट और एक क्रिकेट बैट तक टूट गए। मेडिकल जांच में युवक के जबड़े में तीन स्थानों पर फ्रैक्चर पाए जाने की बात सामने आई है। गंभीर चोटों के चलते उसे रायपुर डेंटल कॉलेज रेफर किया गया है। घटना को लेकर पुलिस ने अपहरण और लूट समेत गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मोवा से कार में बैठाने का आरोप
घटना 10 सितंबर 2026 की बताई जा रही है। पीड़ित पक्ष के मुताबिक अरमान सिद्दीकी, रोशन सोनी, मुदित मिश्रा और शिव सोनी ने दलदल सिवनी रोड, मोवा से अनिकेत को एक वरना कार में बैठाया। आरोप है कि कार में बैठाने के बाद ही उसके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। इसके बाद उसे माना की ओर ले जाया गया, जहां भी उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इसके बाद आरोपी युवक को कार से भिलाई की ओर लेकर निकले। रास्ते में कुम्हारी टोल प्लाजा के आसपास कार के भीतर ही उससे कथित तौर पर जेवर और नकदी छीन ली गई।
जेवर, मोबाइल और 40 हजार रुपये छीनने का आरोप
पीड़ित पक्ष के अनुसार अनिकेत से ब्रेसलेट, गले की चेन, अंगूठी, दो मोबाइल फोन और 40 हजार रुपये नकद लिए गए। बताया गया है कि 40 हजार रुपये अनिकेत के दोस्त के थे और दोस्त उससे रकम लेने के लिए आने वाला था। आरोप है कि उसके पहुंचने से पहले ही रकम छीन ली गई।
यह भी आरोप लगाया गया है कि अनिकेत के मोबाइल फोन से सिम कार्ड निकाल दिया गया, जिससे उसके संपर्क और मोबाइल गतिविधियों को लेकर भी जांच महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस अब कथित रूप से छीने गए सामान की बरामदगी और घटना के दौरान इस्तेमाल किए गए वाहनों की गतिविधियों की जांच कर सकती है।
भिलाई के मैदान में 10-11 लोगों ने घेरकर पीटा
पीड़ित पक्ष के मुताबिक अनिकेत को भिलाई के एक मैदान में ले जाया गया। कुछ देर बाद वहां पांच-छह अन्य युवक भी पहुंच गए। आरोप है कि मैदान में मौजूद करीब 10-11 लोगों ने उसे घेर लिया और उसके साथ सामूहिक रूप से मारपीट की।
पीड़ित पक्ष का दावा है कि आरोपियों ने बेसबॉल बैट और क्रिकेट बैट से अनिकेत पर लगातार हमला किया। मारपीट के दौरान दो बेसबॉल बैट और एक क्रिकेट बैट टूट जाने की बात भी सामने आई है। आरोप लगाया गया है कि युवक को गंभीर रूप से घायल करने की नीयत से उस पर हमला किया गया।
रोशन सोनी के ज्वेलरी कारोबार से जुड़े होने की जानकारी
मामले में रोशन सोनी के ज्वेलरी कारोबार से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आने की बात कही गई है। हालांकि घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की वास्तविक भूमिका क्या थी और कथित लूट में किसकी क्या भूमिका रही, यह पुलिस जांच का विषय है। पुलिस पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।
खाकी वर्दी वाले व्यक्ति को लेकर भी गंभीर दावा
मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से एक और गंभीर दावा किया गया है। बताया गया कि मारपीट के कारण अनिकेत के कपड़े फट गए थे। भिलाई ले जाने के दौरान आरोपी कथित तौर पर एक व्यक्ति से मिले। अनिकेत के अनुसार वह व्यक्ति खाकी वर्दी में था और उसके ऊपर जैकेट भी थी।
पीड़ित के दावे के मुताबिक उसने कार के भीतर बातचीत सुनी। आरोप है कि उक्त व्यक्ति ने पहले घायल युवक को कपड़े दिलाने और इसके बाद थाने पहुंचकर उसके खिलाफ शिकायत करने की सलाह दी, ताकि उसे ही थाने में बैठाया जा सके।
इसके बाद आरोपी कथित तौर पर जामुल थाना पहुंचे और खुद को पीड़ित पक्ष के रूप में पेश करने का प्रयास किया। हालांकि खाकी वर्दी वाले व्यक्ति की पहचान, उसकी वास्तविक भूमिका और घटना से उसका संबंध क्या है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच का विषय है।
पूछताछ में बयान बदलने की बात
मामला जामुल थाना पहुंचने के बाद पुलिस ने घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। थाना प्रभारी राकेश कुटेश्वर द्वारा मामले की जानकारी लिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रोशन सोनी और अरमान सिद्दीकी से पूछताछ की गई।
बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान दोनों के बयानों में कथित तौर पर विरोधाभास सामने आए और उनके बयान तीन बार बदलने की बात कही जा रही है। ऐसे में पुलिस के सामने अब घटनाक्रम की वास्तविक कड़ी, आरोपियों की भूमिका और घटना के पीछे की वजह स्पष्ट करना बड़ी चुनौती है।
दुर्ग एसपी विजय अग्रवाल के निर्देशन में जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने किडनैपिंग और लूट जैसे गंभीर आरोपों के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की है। दुर्ग एसपी विजय अग्रवाल के निर्देशन में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। जांच के दौरान अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की संभावना है।
मेडिकल जांच में जबड़े में तीन जगह फ्रैक्चर
जामुल थाना पुलिस द्वारा मेडिकल परीक्षण के लिए भेजे जाने के बाद अनिकेत का चंदूलाल चंद्राकर शासकीय अस्पताल में मुलायजा कराया गया। जांच में उसके जबड़े में तीन स्थानों पर फ्रैक्चर पाए जाने की बात सामने आई।
चोट की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे रायपुर रेफर कर दिया। इसके बाद उसे जबड़े के उपचार के लिए रायपुर डेंटल कॉलेज भेजा गया। पीड़ित पक्ष के मुताबिक उसके चेहरे पर काफी सूजन है और मुंह से खून आने की शिकायत रही। चोटों के कारण उसे बोलने में भी परेशानी हो रही है। शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें होने की बात कही गई है।
CCTV और मोबाइल लोकेशन से खुल सकते हैं राज
इस पूरे मामले में अब CCTV फुटेज, टोल प्लाजा रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल अहम साक्ष्य साबित हो सकते हैं। मोवा से युवक को कथित रूप से कार में बैठाने से लेकर माना, कुम्हारी टोल प्लाजा और फिर भिलाई तक कार की आवाजाही की जांच की जा सकती है।
रास्ते में लगे CCTV कैमरों की फुटेज से यह पता चल सकता है कि कार किन-किन रास्तों से होकर गुजरी। कुम्हारी टोल प्लाजा का रिकॉर्ड भी घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार करने में महत्वपूर्ण हो सकता है। इसी तरह आरोपियों और पीड़ित के मोबाइल की लोकेशन से भी कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं।
लूटे गए सामान की बरामदगी भी जांच का अहम हिस्सा
पुलिस के सामने कथित तौर पर छीने गए ब्रेसलेट, चेन, अंगूठी, मोबाइल फोन और 40 हजार रुपये की बरामदगी भी महत्वपूर्ण होगी। यदि इन सामानों की बरामदगी होती है तो इससे मामले में लगाए गए आरोपों की जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिल सकती है।
इसके अलावा पुलिस कथित रूप से इस्तेमाल की गई वरना कार, उसमें मौजूद लोगों और भिलाई के उस मैदान की भी जांच कर सकती है, जहां युवक के साथ कथित रूप से सामूहिक मारपीट की गई।
खाकी वर्दीधारी की पहचान भी जांच का अहम बिंदु
मामले में कथित खाकी वर्दीधारी व्यक्ति को लेकर किए गए दावे की जांच भी महत्वपूर्ण है। पुलिस यह पता लगा सकती है कि संबंधित व्यक्ति कौन था, वह किस स्थान पर आरोपियों से मिला और क्या उसका किसी पुलिस या सुरक्षा एजेंसी से संबंध था। यदि CCTV या अन्य तकनीकी साक्ष्य उपलब्ध होते हैं तो इस दावे की सच्चाई सामने आने में मदद मिल सकती है।
रायपुर से शुरू होकर भिलाई तक पहुंचे इस पूरे घटनाक्रम में अपहरण, लूट और सामूहिक मारपीट जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। युवक के जबड़े में तीन जगह फ्रैक्चर की बात सामने आने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। फिलहाल आरोपों की पूरी सच्चाई, वारदात के पीछे की वजह, शामिल लोगों की संख्या और प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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