जुनवानी में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान ने लिया जनसंकल्प का रूप, कन्हैया सोनी ने 5 हजार पौधे लगाने का किया ऐलान; 100 से अधिक मातृशक्ति की रही सहभागिता
भिलाई। पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने और समाजसेवा के माध्यम से सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने के उद्देश्य से जुनवानी, भिलाई में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत भव्य वृक्षारोपण एवं छाता वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कन्हैया सोनी, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य (ओबीसी मोर्चा) प्रमुख रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर 5,000 पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, समिति के पदाधिकारी एवं मातृशक्ति शामिल हुईं। भाजपा सुपेला मंडल अध्यक्ष दीपक भोंडेकर, व्यापारी प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अशोक द्विवेदी, भाजपा जिला भिलाई के प्रचार-प्रसार मंत्री सुभाष शर्मा सहित भवानी शंकर जनकल्याण सेवा समिति के पदाधिकारी एवं 100 से अधिक मातृशक्ति की उपस्थिति रही।
मां के सम्मान से प्रकृति संरक्षण को जोड़ने की पहल
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण से भावनात्मक रूप से जोड़ना है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने पौधरोपण करते हुए पर्यावरण को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। इस दौरान यह संदेश दिया गया कि जिस प्रकार परिवार में मां को सम्मान और संरक्षण का प्रतीक माना जाता है, उसी भावना के साथ प्रकृति और वृक्षों की रक्षा भी समाज की जिम्मेदारी है।
कन्हैया सोनी ने कहा कि आज लगाए गए पौधे आने वाले समय में विशाल वृक्ष बनकर न केवल पर्यावरण को बेहतर बनाएंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, छाया और हरियाली भी प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि पौधरोपण किसी एक दिन का कार्यक्रम नहीं होना चाहिए। पौधा लगाने के बाद उसकी नियमित देखभाल, पानी, सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि 5,000 पौधे लगाने का संकल्प पर्यावरण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने परिवार के प्रत्येक सदस्य के नाम पर पौधे लगाएं और उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित करें।
पौधरोपण के साथ संरक्षण पर जोर
कार्यक्रम के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि केवल पौधे लगाने से पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य पूरा नहीं होगा। पौधों की सुरक्षा और उनकी देखभाल भी उतनी ही जरूरी है। अक्सर पौधरोपण कार्यक्रमों के बाद पौधों की नियमित देखभाल नहीं होने के कारण कई पौधे नष्ट हो जाते हैं। ऐसे में अभियान के तहत लगाए जाने वाले पौधों की देखभाल को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया।
आयोजकों ने कहा कि पौधों को नियमित पानी देना, उन्हें पशुओं से बचाना, जरूरत के अनुसार ट्री-गार्ड लगाना और समय-समय पर उनकी स्थिति की निगरानी करना जरूरी है। तभी पौधरोपण का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा।
बारिश में जरूरतमंदों को छाते बांटकर दिया सेवा का संदेश
कार्यक्रम को केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं रखा गया। बरसात के मौसम को देखते हुए जरूरतमंद लोगों को छातों का वितरण भी किया गया। इस दौरान सामाजिक सेवा और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़ते हुए जरूरतमंदों की सहायता का संदेश दिया गया।
आयोजकों ने कहा कि समाजसेवा का अर्थ केवल किसी एक क्षेत्र में काम करना नहीं है। पर्यावरण की रक्षा, जरूरतमंदों की सहायता और समाज में जागरूकता फैलाना भी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। इसी भावना के साथ कार्यक्रम में छाता वितरण किया गया।
100 से अधिक मातृशक्ति की भागीदारी बनी आकर्षण
कार्यक्रम में 100 से अधिक मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी रही। महिलाओं ने पौधरोपण में हिस्सा लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को सामाजिक सहभागिता का स्वरूप प्रदान किया।
उपस्थित मातृशक्ति ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी घर-परिवार से शुरू होती है। यदि प्रत्येक परिवार अपने आसपास एक-दो पौधों की जिम्मेदारी ले और उन्हें सुरक्षित रखे तो शहर को हराभरा बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
भिलाई को हराभरा बनाने की दिशा में पहल
कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा पदाधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि भिलाई अपनी हरियाली और व्यवस्थित वातावरण के लिए जाना जाता है। ऐसे में शहर की हरियाली को बनाए रखने और बढ़ाने के लिए लगातार पौधरोपण अभियान चलाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण के बीच पेड़ों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। अधिक से अधिक पौधे लगाकर और मौजूदा पेड़ों को संरक्षित करके शहर में बेहतर पर्यावरण तैयार किया जा सकता है।
कन्हैया सोनी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक राजनीतिक दल, संस्था या व्यक्ति का विषय नहीं है। यह प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और पौधरोपण के साथ-साथ प्लास्टिक का कम उपयोग, जल संरक्षण तथा स्वच्छता जैसे विषयों पर भी जागरूकता फैलाएं।
‘एक पौधा लगाएं और उसकी जिम्मेदारी भी लें’
कार्यक्रम के दौरान लोगों से अपील की गई कि वे जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, किसी उपलब्धि या अन्य विशेष अवसर पर पौधा लगाने की परंपरा शुरू करें। साथ ही लगाए गए पौधे की नियमित देखभाल की जिम्मेदारी भी लें।
आयोजकों ने कहा कि एक पौधा लगाना प्रकृति को दिया गया उपहार है, जबकि उसे बड़ा करना हमारी जिम्मेदारी है। यदि समाज के लोग इस सोच के साथ आगे बढ़ें तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण का व्यापक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने 5,000 पौधे लगाने, उनके संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। साथ ही समाजसेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान ने जुनवानी में पर्यावरण संरक्षण के साथ सेवा, संवेदना और सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया।
वृक्ष लगाएँ—पर्यावरण बचाएँ।
पौधे बचाएँ—भविष्य बचाएँ।
सेवा करें—समाज को मजबूत बनाएँ।
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