मानवता की मिसाल: यूथ सिख सेवा समिति ने निभाई 58 वर्षीय हरबंश कौर के अंतिम संस्कार की सेवा
भिलाई। समाज में सेवा और मानवता की भावना को जीवंत करते हुए यूथ सिख सेवा समिति भिलाई ने एक बार फिर जरूरतमंद परिवार के लिए संवेदनशील पहल की। कोहका गुरुद्वारा साहिब में नियमित रूप से आने वाली 58 वर्षीय हरबंश कौर के निधन के बाद समिति ने उनके अंतिम संस्कार की पूरी सेवा जिम्मेदारी के साथ निभाई।
जानकारी के अनुसार, हरबंश कौर का निवास विवेकानंद नगर, कोहका में था। उनके परिवार में केवल उनकी बुजुर्ग मां थीं। आज दोपहर हरबंश कौर के निधन की जानकारी यूथ सिख सेवा समिति भिलाई के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह को मिली। सूचना मिलते ही उन्होंने बिना समय गंवाए समिति की टीम को अंतिम संस्कार की सेवा के लिए रवाना किया।
समय तेजी से बीत रहा था और शाम होने वाली थी। ऐसे में बाबा बूढ़ा जी गुरुद्वारा साहिब की कमेटी ने भी सेवा में सहयोग करते हुए मृतका को स्नान कराकर अंतिम संस्कार के लिए तैयार किया। इसके बाद गुरुद्वारा साहिब में अंतिम अरदास की गई।
अंतिम अरदास के उपरांत आगे की सभी आवश्यक सेवाओं की जिम्मेदारी यूथ सिख सेवा समिति भिलाई के सदस्यों ने संभाली। समिति की टीम मृतका के पार्थिव शरीर को लेकर राम नगर मुक्तिधाम पहुंची, जहां पूरे सम्मान और गरिमापूर्ण तरीके से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न कराई गई।
अंतिम संस्कार के दौरान मृतका को जानने वाले उनके एक भाई ने उन्हें मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी।
यूथ सिख सेवा समिति की इस पहल ने यह संदेश दिया कि सेवा केवल अपने परिवार या परिचितों तक सीमित नहीं होती, बल्कि जरूरत के समय किसी के साथ खड़ा होना ही सच्ची मानवता है। विशेषकर ऐसे समय में, जब किसी परिवार को भावनात्मक और सामाजिक सहारे की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, समिति द्वारा आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाना समाज के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण है।
बाबा बूढ़ा जी गुरुद्वारा साहिब की कमेटी और यूथ सिख सेवा समिति भिलाई के सदस्यों द्वारा निभाई गई इस सेवा ने “सेवा, सहयोग और मानवता” की भावना को सार्थक किया।
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