जनहित के मुद्दों पर सक्रिय कन्हैया सोनी, साइबर सुरक्षा को लेकर किया जागरूक
साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर जताई चिंता, नागरिकों से सतर्क और जागरूक रहने की अपील
दुर्ग। आम जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय रहने वाले भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य (ओबीसी मोर्चा) कन्हैया सोनी ने साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। मुद्रा वेलफेयर सोसाइटी समिति द्वारा आयोजित “साइबर फ्रॉड से बचाव एवं डिजिटल सुरक्षा” जन-जागरूकता कार्यक्रम में शामिल होकर उन्होंने साइबर ठगी से बचाव के लिए आम नागरिकों को सावधानी और सतर्कता अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, बीएसपी के अधिकारीगण, बैंक मैनेजर, चेंबर के प्रदेश महामंत्री श्री अजय भसीन जी तथा समाज के प्रमुखजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे विभिन्न तरीकों और ऑनलाइन ठगी से बचने के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
कन्हैया सोनी ने कहा कि आज डिजिटल क्रांति ने आम नागरिकों के जीवन को आसान बनाया है। बैंकिंग, खरीदारी, भुगतान और अन्य जरूरी कार्य मोबाइल एवं इंटरनेट के माध्यम से आसानी से हो रहे हैं। लेकिन डिजिटल सुविधाओं के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध भी एक गंभीर चुनौती बनकर सामने आया है। ऐसे समय में लोगों को जागरूक करना और उन्हें साइबर सुरक्षा के प्रति सजग बनाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। कभी बैंक अधिकारी बनकर, कभी केवाईसी अपडेट के नाम पर तो कभी इनाम या अन्य लालच देकर लोगों से गोपनीय जानकारी हासिल की जाती है। नागरिकों को ऐसे किसी भी फोन कॉल, मैसेज या लिंक पर तत्काल भरोसा नहीं करना चाहिए।
कन्हैया सोनी ने विशेष रूप से अपील करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति फोन पर OTP, PIN, पासवर्ड या बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी साझा न करे। अनजान एवं संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी की आशंका होने पर तत्काल संबंधित बैंक एवं पुलिस को इसकी जानकारी दें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर आगे बढ़ रहा है। डिजिटल सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना आवश्यक है, लेकिन इसके साथ डिजिटल सुरक्षा को लेकर जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। सुरक्षित डिजिटल वातावरण बनाने के लिए सरकार, प्रशासन, बैंकिंग संस्थानों और सामाजिक संगठनों के साथ आम नागरिकों की सहभागिता भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जन-जागरूकता के माध्यम से साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। इस दिशा में सामाजिक संस्थाओं द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं और ऐसे कार्यक्रमों को लगातार आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित पुलिस एवं बैंकिंग क्षेत्र के अधिकारियों ने भी नागरिकों को साइबर फ्रॉड से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। OTP, PIN, बैंकिंग विवरण, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और ऑनलाइन लेन-देन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में लोगों को जागरूक किया गया।
इस अवसर पर कन्हैया सोनी ने कार्यक्रम की संयोजिका टीना सातपुते जी एवं उनकी पूरी टीम को सफल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि समाज को सुरक्षित बनाने के लिए केवल कानून और प्रशासनिक व्यवस्था ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को जागरूक और जिम्मेदार बनना होगा।
कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों से अपील की गई कि वे डिजिटल सुविधाओं का उपयोग पूरी सावधानी के साथ करें और अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी को सुरक्षित रखें। जागरूकता और सतर्कता के माध्यम से ही साइबर अपराध से बचाव संभव है।
सतर्क नागरिक, सुरक्षित समाज और मजबूत डिजिटल भारत के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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