दुर्ग। जेवरा सिरसा थाना क्षेत्र के भटगांव के पास शिवनाथ नदी में मछली पकड़ने के दौरान डूबे 25 वर्षीय युवक पवन कुमार ठाकुर का शव तीन दिन बाद बरामद कर लिया गया। 20 सितंबर को हुई घटना के बाद से SDRF दुर्ग संभाग की टीम लगातार नदी में सघन सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही थी। 22 सितंबर को ग्राम डांडेसरा के पास टीम के प्रशिक्षित गोताखोरों ने शव का पता लगाया और उसे नदी से बाहर निकाला। शव बरामद होने के बाद उसे स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
मृतक की पहचान पवन कुमार ठाकुर पिता अनिल कुमार ठाकुर, उम्र 25 वर्ष, निवासी घासीदास नगर वार्ड नंबर 23, जामुल के रूप में हुई है। बताया गया कि पवन कुमार 20 सितंबर को जेवरा सिरसा के भटगांव क्षेत्र स्थित शिवनाथ नदी में मछली पकड़ने गया था। इसी दौरान वह अचानक नदी के गहरे हिस्से में चला गया और पानी में डूब गया। युवक को डूबता देख आसपास मौजूद लोगों ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस और प्रशासन को दी।
सूचना मिलते ही जिला सेनानी दुर्ग के निर्देशन में SDRF दुर्ग संभाग की प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। स्थानीय पुलिस और प्रशासन के समन्वय से टीम ने नदी में युवक की तलाश शुरू की। नदी में गहराई और तेज बहाव होने के कारण रेस्क्यू टीम को काफी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सर्च ऑपरेशन चलाना पड़ा।
SDRF की टीम ने मोटर बोट, डीप डाइविंग किट, लाइफ बॉय, लाइफ जैकेट और सर्च हुक सहित अन्य आवश्यक उपकरणों की मदद से नदी के संभावित स्थानों पर तलाश शुरू की। प्रशिक्षित गोताखोरों ने नदी के गहरे हिस्सों में उतरकर खोजबीन की, जबकि मोटर बोट के जरिए नदी के आसपास के क्षेत्रों को भी खंगाला गया। पहले और दूसरे दिन लगातार प्रयास किए जाने के बावजूद युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका।
इसके बाद 22 सितंबर को तीसरे दिन भी SDRF की टीम ने सुबह से ही सर्च ऑपरेशन जारी रखा। नदी के अलग-अलग हिस्सों में गोताखोरों को उतारा गया और संभावित स्थानों पर लगातार तलाश की गई। कई घंटे की मेहनत के बाद ग्राम डांडेसरा के पास शिवनाथ नदी में टीम को युवक के शव का पता चला। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने सावधानीपूर्वक शव को नदी से बाहर निकाला।
शव बरामद होने के बाद SDRF टीम ने उसे स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस द्वारा आवश्यक पंचनामा एवं वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंचे। युवक की मौत से परिवार में शोक का माहौल है।
तीन दिनों तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन में SDRF के जवानों और प्रशिक्षित गोताखोरों ने नदी के गहरे जलक्षेत्र तथा तेज बहाव के बीच लगातार अभियान चलाया। शव मिलने के साथ ही 20 सितंबर से जारी सर्च ऑपरेशन समाप्त हुआ। घटना ने एक बार फिर नदी और गहरे जलक्षेत्र में सावधानी बरतने की आवश्यकता को सामने ला दिया है।
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