भिलाई स्टील प्लांट में दर्दनाक हादसा: पुशर कार की चपेट में आकर ठेका कर्मी की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक औद्योगिक हादसे में 47 वर्षीय ठेका कर्मी की मौत हो गई। ब्लास्ट फर्नेस-6 के यांत्रिकी विभाग में पुशर कार में आई तकनीकी खराबी की जांच करने पहुंचे कर्मचारी अचानक मशीन की चपेट में आ गए। गंभीर रूप से घायल कर्मचारी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद संयंत्र परिसर में शोक का माहौल है।
मृतक की पहचान विनोद कुमार (47 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया गया है कि विनोद कुमार मेसर्स सहिकॉन इंजीनियरिंग एंड ट्रेडिंग में एसएसडब्ल्यू के रूप में कार्यरत थे। मंगलवार को उनकी ड्यूटी ए शिफ्ट में लगी हुई थी।
पुशर कार में आई थी तकनीकी खराबी
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे ब्लास्ट फर्नेस-6 की पुशर कार-2 में तकनीकी खराबी सामने आई। ऑपरेशन शिफ्ट प्रभारी ने इसकी सूचना मेकेनिकल पाली प्रभारी को दी। इसके बाद मेकेनिकल पाली प्रभारी के निर्देश पर ठेका कर्मी विनोद कुमार को पुशर कार-2 में आई खराबी की जांच के लिए मौके पर भेजा गया।
विनोद कुमार मौके पर पहुंचे और मशीन की खराबी की जांच शुरू की। इसी दौरान अचानक पुशर कार चल पड़ी और विनोद कुमार उसकी चपेट में आ गए। मशीन की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा होते ही मौके पर मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई और घायल कर्मचारी को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की कवायद शुरू की गई।
एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया, डॉक्टर ने मृत घोषित किया
हादसे के तुरंत बाद गंभीर रूप से घायल विनोद कुमार को एम्बुलेंस के माध्यम से एमएमपी-1 ले जाया गया। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने उनका परीक्षण किया। बताया गया है कि करीब सुबह 9 बजे चिकित्सक ने विनोद कुमार को मृत घोषित कर दिया।
ठेका कर्मी की मौत की खबर सामने आते ही संयंत्र में काम करने वाले कर्मचारियों और सहकर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई। हादसे ने एक बार फिर संयंत्र में मशीनों के संचालन और तकनीकी खराबी की जांच के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को चर्चा में ला दिया है।
मशीन की जांच के दौरान अचानक कैसे चली पुशर कार?
हादसे के बाद सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह उठ रहा है कि जिस पुशर कार में तकनीकी खराबी आई थी, उसकी जांच के दौरान मशीन अचानक कैसे चालू हो गई। मशीन की जांच से पहले उसके संचालन को पूरी तरह सुरक्षित तरीके से रोकने, ऊर्जा स्रोत को नियंत्रित करने और तकनीकी कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रक्रिया क्या थी, यह जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।
हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। तकनीकी खराबी, मशीन के अचानक चालू होने और मौके पर अपनाई गई सुरक्षा प्रक्रिया समेत विभिन्न पहलुओं की जांच से घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
भिलाई इस्पात संयंत्र जैसे बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान में मशीन की चपेट में आने से ठेका कर्मी की मौत ने कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेष रूप से मशीनों की मरम्मत अथवा तकनीकी जांच के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन को लेकर जांच जरूरी मानी जा रही है।
एक कर्मचारी की जान जाने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि हादसे के पीछे तकनीकी कारण क्या थे और घटना के समय सुरक्षा प्रोटोकॉल का किस स्तर तक पालन किया गया था। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की जिम्मेदारी और वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
विनोद कुमार की मौत से उनके परिवार और सहकर्मियों में गहरा दुख है। घटना के बाद संयंत्र में कर्मचारियों के बीच भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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