ब्लास्ट फर्नेस हादसे पर सीजू एन्थोनी का सेल प्रबंधन पर सीधा हमला, बोले- 20% श्रमिक कटौती से सुरक्षा और रोजगार दोनों संकट में
भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस-06 में कार्यरत ठेका श्रमिक विनोद कुमार की दुर्घटना में हुई मौत के बाद बीएसपी कांट्रेक्टर्स एंड लेबर वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सीजू एन्थोनी ने सेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली और श्रमिकों की संख्या में की जा रही कटौती को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने हादसे के लिए सीधे तौर पर सेल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए संयंत्र में ठेका श्रमिकों की संख्या कम करने के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
सीजू एन्थोनी ने कहा कि सेल केंद्र सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र का महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान है और नवरत्न कंपनी की श्रेणी में आता है। उनके अनुसार, वैश्विक स्तर पर विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सेल पिछले करीब दो दशकों से लाभ अर्जित करता रहा है। इसके बावजूद संयंत्र में करीब 20 प्रतिशत श्रमिकों की कटौती की जा रही है, जिसका सीधा असर स्थानीय श्रमिकों के रोजगार पर पड़ रहा है।
उन्होंने दावा किया कि श्रमिक संख्या में कटौती से पहले भिलाई इस्पात संयंत्र में लगभग 26 हजार ठेका श्रमिक कार्यरत थे, जबकि 20 प्रतिशत कटौती के चलते करीब 5 से 6 हजार श्रमिकों के रोजगार पर संकट आया है। उन्होंने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार स्किल डेवलपमेंट और कार्यकुशल युवाओं को रोजगार से जोड़ने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर दक्ष और अनुभवी श्रमिकों को काम से बाहर किया जा रहा है।
सेक्टर-9 अस्पताल के कर्मचारियों की सेवा समाप्ति का भी उठाया मुद्दा
सीजू एन्थोनी ने हाल ही में 20 प्रतिशत श्रमिक कटौती के तहत सेक्टर-9 चिकित्सालय में कार्यरत करीब 40 दक्ष कर्मचारियों की सेवा समाप्त किए जाने का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, सेवा समाप्ति के विरोध में कर्मचारियों ने तीन दिनों तक धरना दिया था। उन्होंने सेल प्रबंधन से श्रमिक कटौती के निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हजारों श्रमिकों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा होने से भिलाई की औद्योगिक शांति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की संख्या कम करने के बजाय प्रबंधन को अन्य अनावश्यक खर्चों में कटौती कर लागत नियंत्रण की दिशा में काम करना चाहिए।
उत्पादन बढ़े और श्रमिक घटें, यह कैसे संभव
सीजू एन्थोनी ने कहा कि एक तरफ संयंत्र में उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है और दूसरी तरफ श्रमिकों की संख्या लगातार कम की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि बढ़ते उत्पादन के बीच श्रमिकों की संख्या में कमी करना न तो व्यवहारिक है और न ही तर्कसंगत।
उन्होंने मांग की कि प्रत्येक निविदा में नियोजित किए जाने वाले श्रमिकों की न्यूनतम संख्या स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाए। उनका कहना है कि पर्याप्त संख्या में श्रमिक उपलब्ध रहने से कार्यस्थल पर अतिरिक्त कार्य का दबाव कम होगा और सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर तरीके से सुनिश्चित की जा सकेगी।
ठेका कार्यों की सुरक्षा समीक्षा की मांग
ब्लास्ट फर्नेस हादसे को लेकर सीजू एन्थोनी ने संयंत्र में संचालित ठेका कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से प्रत्येक कार्य की आवश्यकता और उसमें लगाए जाने वाले श्रमिकों की संख्या का आकलन होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्य के लिए पर्याप्त संख्या में श्रमिक उपलब्ध नहीं होंगे तो मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त काम का दबाव बढ़ेगा, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है। उन्होंने प्रबंधन से कार्यस्थलों पर श्रमिकों की न्यूनतम संख्या सुनिश्चित करने की मांग की है।
दिवंगत श्रमिक के परिवार के लिए सहायता की मांग
सोसायटी के पदाधिकारियों ने ब्लास्ट फर्नेस-06 हादसे में जान गंवाने वाले ठेका श्रमिक स्वर्गीय विनोद कुमार के प्रति संवेदना व्यक्त की। सीजू एन्थोनी ने कहा कि सोसायटी की ओर से प्रदान की जाने वाली 10 लाख रुपये की बीमा राशि का भुगतान यथाशीघ्र किया जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने सेल प्रबंधन से दिवंगत श्रमिक के आश्रित परिवार के सदस्य को बीएसपी में अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हादसे में परिवार ने अपना कमाने वाला सदस्य खोया है, इसलिए आश्रित परिवार को आर्थिक एवं रोजगार संबंधी सहायता उपलब्ध कराना आवश्यक है।
सीजू एन्थोनी ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा, रोजगार और औद्योगिक शांति आपस में जुड़े हुए विषय हैं। ऐसे में प्रबंधन को श्रमिकों की संख्या में कटौती के फैसले पर पुनर्विचार करते हुए सुरक्षा मानकों, पर्याप्त मैनपावर और श्रमिकों के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
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