भिलाई में शाम ढलते ही छलकने लगते हैं जाम! कथित चखना सेंटरों की भरमार, खुले में शराबखोरी से सड़कों पर जमघट
भिलाई। शहर के कई इलाकों में शराब दुकान के आसपास खुले में शराब पीने और कथित तौर पर संचालित हो रहे चखना सेंटरों को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। शाम होते ही गदा चौक, लक्ष्मी मार्केट, सुपेला देसी भट्टी, जवाहर नगर कचरा भट्टी और शांति नगर दशहरा मैदान सहित आसपास के क्षेत्रों में शराब पीने वालों के जमावड़े की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सार्वजनिक स्थानों और सड़क किनारे बैठकर शराब पीने से आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सुपेला गदा चौक क्षेत्र में शराब दुकान के आसपास कई स्थानों पर कथित रूप से चखना सेंटर संचालित हो रहे हैं। आरोप है कि इन स्थानों पर शराब लेकर पहुंचने वाले लोग खुले क्षेत्रों, सड़क किनारे अथवा आसपास बैठकर शराब का सेवन करते हैं। शाम ढलने के बाद कई स्थानों पर लोगों की भीड़ दिखाई देने से क्षेत्र का सामान्य माहौल प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
सड़क किनारे जमघट, यातायात भी प्रभावित
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि शराब पीने वालों के कारण कई बार सड़क किनारे वाहनों का जमावड़ा हो जाता है। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ राहगीरों को भी रास्ता निकालने में परेशानी होती है। लोगों का आरोप है कि शराब के नशे में कुछ लोगों द्वारा गाली-गलौज और विवाद करने की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं।
महिलाओं और बच्चों को परेशानी
क्षेत्रवासियों का कहना है कि शाम और रात के समय महिलाओं, बच्चों तथा छात्र-छात्राओं का इन मार्गों से गुजरना असहज हो जाता है। शराब पीने वालों की भीड़ और सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण लोगों को असुविधा होती है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी पर नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में विवाद या अन्य अप्रिय घटनाएं सामने आ सकती हैं।
कथित चखना सेंटरों की वैधता की जांच की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि शराब दुकानों के आसपास संचालित होने वाले कथित चखना सेंटरों की जांच की जाए। लोगों का कहना है कि संबंधित प्रतिष्ठानों के पास आवश्यक अनुमति है या नहीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए। यदि कोई सेंटर बिना अनुमति संचालित पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग
क्षेत्रवासियों ने शराब दुकानों और आसपास के संवेदनशील इलाकों में शाम के समय पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि सड़क और बाजार क्षेत्रों में आम लोगों को परेशानी न हो।
संरक्षण के आरोपों की भी चर्चा
कुछ स्थानीय लोगों ने कथित चखना सेंटरों के संचालन को लेकर संरक्षण मिलने की आशंका भी जताई है। हालांकि इस तरह के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पुलिस और आबकारी विभाग की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन यदि नियमित निरीक्षण और प्रभावी कार्रवाई करे तो समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
कार्रवाई नहीं हुई तो सामूहिक शिकायत की चेतावनी
स्थानीय लोगों ने कहा है कि यदि खुले में शराबखोरी और कथित अवैध चखना सेंटरों की समस्या पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के समक्ष सामूहिक रूप से शिकायत रखेंगे। जरूरत पड़ने पर आंदोलन करने की बात भी कुछ नागरिकों ने कही है।
फिलहाल क्षेत्रवासियों की नजर पुलिस और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर है। अब यह देखना होगा कि शिकायतों के बाद प्रशासन शराब दुकानों के आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी और कथित अवैध चखना सेंटरों के खिलाफ क्या कदम उठाता है।
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