बरसात से पहले तालाब बचाने की मुहिम, इंद्रजीत सिंह छोटू के नेतृत्व में कोहका तालाब में चला बड़ा स्वच्छता अभियान
भिलाई।पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सर्व समाज कल्याण समिति भिलाई द्वारा आर्यनगर कोहका तालाब में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। समिति के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए तालाबों के संरक्षण और वर्षा जल के बेहतर संचयन के लिए यह पहल शुरू की गई है।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि सर्व समाज कल्याण समिति के प्रमुख उद्देश्यों में पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों का संवर्धन शामिल है। इसी कड़ी में आर्यनगर कोहका तालाब की सफाई कर लोगों को जल संरक्षण का संदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में तालाबों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और यदि इन्हें स्वच्छ एवं संरक्षित रखा जाए तो भूजल स्तर बढ़ाने के साथ-साथ जल संकट की समस्या को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है।
इस स्वच्छता अभियान में सर्व समाज कल्याण समिति भिलाई, यूथ सिख सेवा समिति भिलाई, स्वच्छता ही सेवा समिति भिलाई-दुर्ग, छत्तीसगढ़ स्वच्छता अभियान टीम तथा स्थानीय क्षेत्रवासियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। अभियान के दौरान तालाब परिसर से कचरा, प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट सामग्री हटाकर स्वच्छता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से सर्व समाज कल्याण समिति एवं यूथ सिख सेवा समिति के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू, स्वच्छता ही सेवा समिति के अध्यक्ष प्रेमचंद साहू, भिलाई नगर निगम के सभापति गिरवर बंटी साहू सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता एवं नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मलकित सिंह, जोगा राव, शाहनवाज कुरैशी, डॉ. हरजींदर सिंह, राम हिंदरिया, रंजीत सिंह, सुनील यादव, वाजिद अंसारी, वी.पी. सारथी, गुरप्रीत सिंह, ललित साहू, आकाश यादव, सन्नी सिंह समेत अनेक पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
समिति के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। आने वाले दिनों में शहर के अन्य तालाबों में भी विशेष स्वच्छता एवं जागरूकता अभियान चलाकर जल संरक्षण के प्रति लोगों को प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे जल स्रोतों को प्रदूषित न करें और स्वच्छ एवं हरित भिलाई के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।












