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छत्तीसगढ़

साय के टेलीफोन में शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव के खिलाफ शिकायत, 1076 हेल्पलाइन से मिला यह जवाब

रायपुर। सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर डी.एड. प्रशिक्षित अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव और स्कूल शिक्षा विभाग के खिलाफ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बताया गया कि इस विषय से संबंधित श्रेणी फिलहाल पोर्टल में उपलब्ध नहीं है, इसलिए शिकायत दर्ज नहीं की जा सकती।

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शकुंतला
स्पर्स

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा रही है और पात्र अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति नहीं मिली है। इसी संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया।

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अभ्यर्थियों के अनुसार, हेल्पलाइन कॉल अटेंडर ने उन्हें बताया कि भर्ती प्रक्रिया रोके जाने या नियुक्ति लंबित होने से संबंधित श्रेणी अभी पोर्टल में जोड़ी नहीं गई है। इसलिए इस विषय पर शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। हालांकि, यदि किसी अभ्यर्थी को जॉइनिंग लेटर जारी हो चुका है और इसके बावजूद उसे पदस्थापना या कार्यभार ग्रहण करने नहीं दिया जा रहा है, तो ऐसी स्थिति में शिकायत दर्ज की जा सकती है।

खाटू श्याम
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बातचीत के दौरान हेल्पलाइन कर्मी ने जब भर्ती प्रक्रिया रोके जाने का कारण पूछा, तब शिकायतकर्ता ने कहा कि उन्हें स्वयं इसकी कोई जानकारी नहीं है। उनका आरोप है कि विभागीय अधिकारी और शिक्षा मंत्री की ओर से भी इस विषय में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया आखिर किस कारण से रोकी गई है और नियुक्तियां कब तक दी जाएंगी, इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

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डी.एड. प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का आरोप है कि लंबे समय से वे नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं। उनका कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया को लेकर कोई प्रशासनिक या कानूनी बाधा है तो सरकार को इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों की अनिश्चितता समाप्त हो सके।

सीजू एंथोनी
अलताब
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इस पूरे मामले ने एक बार फिर सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर चल रहे विवाद और अभ्यर्थियों की परेशानियों को सामने ला दिया है। अब अभ्यर्थियों की नजर सरकार और शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

भीषण गर्मी में बिगड़ी अभ्यर्थी की तबीयत
47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुके तापमान के बीच धरना स्थल पर बैठे अभ्यर्थियों की तबीयत लगातार बिगड़ रही है। इसी क्रम में जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर निवासी अभ्यर्थी मृगेंद्र रजवाड़े की अचानक तबीयत गंभीर रूप से खराब हो गई। लंबे समय से आंदोलन में शामिल रहने, मानसिक तनाव, तेज गर्मी और शारीरिक कमजोरी के कारण उनकी स्थिति बिगड़ने पर उन्हें तत्काल नवा रायपुर स्थित राखी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। आंदोलनकारियों के अनुसार उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।

तीन साल से नियुक्ति का इंतजार, बढ़ रही नाराजगी
अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से वे नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान कई अभ्यर्थी बीमार हो चुके हैं और लगातार स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, लेकिन अब तक शासन-प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। उनका कहना है कि उनका संघर्ष किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि अपने वैधानिक और संवैधानिक अधिकारों को प्राप्त करने के लिए है।

सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग
आंदोलनकारी D.Ed. अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उनका कहना है कि 47 डिग्री की झुलसाने वाली गर्मी में 170 दिनों से जारी यह आंदोलन अब केवल नौकरी पाने की लड़ाई नहीं रह गया है, बल्कि हजारों बेरोजगार युवाओं के सम्मान, भविष्य और अस्तित्व से जुड़ा संघर्ष बन चुका है।