युवा लोक कलाकार की हार्ट अटैक से मौत, बेटे के गम में अस्पताल जा रहे माता-पिता भी हादसे का शिकार
बालोद। जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। कुछ ही घंटों के भीतर एक हंसते-खेलते परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। जिले के लोकप्रिय युवा लोक कलाकार राजू उर्फ प्रेम साहू (30 वर्ष) का शुक्रवार को अचानक दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वहीं बेटे की मौत की खबर सुनकर अस्पताल के लिए निकले उनके माता-पिता भी रास्ते में सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए।
जानकारी के अनुसार, प्रेम साहू मूल रूप से सिकोसा क्षेत्र के ग्राम कोड़ेवा के निवासी थे। हालांकि उनका परिवार लंबे समय से बालोद शहर के बूढ़ापारा स्थित सीतानगर वार्ड में निवास कर रहा है। प्रेम साहू छत्तीसगढ़ी लोककला और संस्कृति के क्षेत्र में एक जाना-पहचाना नाम थे। वे ‘रंग मया परिवार लोक संस्कृति रिकॉर्ड डांस’के माध्यम से लोक कला के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। उनकी कला और मिलनसार स्वभाव के कारण क्षेत्र में उनकी अच्छी पहचान थी।
स्वजनों के मुताबिक शुक्रवार को प्रेम साहू किसी निजी कार्य से कांकेर गए हुए थे। दोपहर करीब दो बजे लौटते समय वे गुरुर पहुंचे। इसी दौरान अचानक उनके सीने में तेज दर्द शुरू हो गया। दर्द बढ़ने पर वे बस स्टैंड के पास एक होटल के समीप खड़े हो गए, लेकिन कुछ ही क्षणों बाद बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल मानवता का परिचय देते हुए उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरुर पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी में मौत का कारण हृदयाघात बताया जा रहा है।
प्रेम साहू की मौत की खबर जैसे ही उनके परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। बेटे की अचानक मौत से माता-पिता गहरे सदमे में आ गए। बताया जा रहा है कि वे परिजनों के साथ अस्पताल के लिए रवाना हुए थे, लेकिन रास्ते में उनका वाहन सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया। हादसे में उन्हें चोटें आई हैं। इस घटना ने परिवार के दुख को और बढ़ा दिया।
युवा कलाकार की असमय मौत की खबर फैलते ही कला जगत और उनके शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। उनके साथ काम कर चुके कलाकारों ने बताया कि प्रेम साहू बेहद प्रतिभाशाली, मेहनती और संस्कृति प्रेमी युवा थे, जिन्होंने कम उम्र में ही लोककला के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई थी।
एक ही दिन में हुई इन दो दुखद घटनाओं ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। क्षेत्र के लोगों ने दिवंगत कलाकार को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।












