छत्तीसगढ़ में अगले 7 दिन सक्रिय रहेगा मानसून, कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय बना हुआ है। प्रदेश में बारिश का दौर फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, सावन माह के अंत तक राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। अगले सात दिनों के दौरान उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। शनिवार को भी मौसम में किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं।
शुक्रवार को प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून की सक्रियता के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं, जिसके चलते राज्य में बारिश का दौर जारी है। हालांकि, प्रदेश में अब तक हुई मौसमी बारिश सामान्य से करीब 7 प्रतिशत कम रही है।
निम्नदाब क्षेत्र के कारण बारिश के अनुकूल परिस्थितियां
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में उत्तर-पूर्व मध्यप्रदेश और उसके आसपास एक निम्नदाब का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अलावा मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर अमृतसर, मुजफ्फरनगर, कानपुर, निम्नदाब क्षेत्र के केंद्र, डाल्टनगंज, दीघा होते हुए दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है।
वहीं, उत्तरी ओडिशा और उसके आसपास ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में नमी का प्रवाह बना हुआ है और बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार हो रही हैं।
रायपुर में सुबह से बदला मौसम
राजधानी रायपुर में शनिवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। आसमान में काले बादल छाए रहे और कई इलाकों में बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग ने 22 अगस्त को रायपुर में सामान्यतः बादल छाए रहने की संभावना जताई है। इस दौरान एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
शनिवार को प्रदेश के मौसम में किसी विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। अगले कुछ दिनों तक बादल और बारिश का सिलसिला बने रहने की उम्मीद है।
इन इलाकों में हुई बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। राजपुर और बिहारपुर में सबसे अधिक 4-4 सेंटीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा डोंगरगढ़ में 3 सेंटीमीटर, जबकि जनकपुर भरतपुर और दुर्ग में 2-2 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
रेंगाखार कला, सारागांव, राजनांदगांव, साल्हेवारा, प्रेमनगर, पिपरिया, कोटाडोल, भैरमगढ़, गीदम, खरोरा, पसान, चांपा, केल्हारी, मोहला और घुमका में 1-1 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई जिलों में यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी और गरियाबंद में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे रहने से बचने की जरूरत है।
जगदलपुर सबसे गर्म, पेंड्रा रोड सबसे ठंडा
पिछले 24 घंटों में जगदलपुर प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता बनी रहने से प्रदेश के कई जिलों में रुक-रुककर बारिश होती रहेगी। खासकर उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
फिलहाल राहत के आसार कम
मौसम प्रणालियों की मौजूदा स्थिति को देखते हुए छत्तीसगढ़ में बारिश से तत्काल राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। अगले सात दिनों तक मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
मौसम विभाग ने लोगों से स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने और गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।
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