भारती विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
दुर्ग,। भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग में विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) एन सी सी प्रकोष्ठ एवं विधि संकाय द्वारा आई क्यू ए सी के सहयोग से स्वास्थ्य, शारीरिक फिटनेस, सामाजिक जागरूकता एवं जिम्मेदार नागरिकता को प्रोत्साहित करने विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किया गया।
विश्वविद्यालय के NSS सेल द्वारा को ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत आयोजित अतिथि व्याख्यान में भारती आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के कायाचिकित्सा विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. जयकिशन साहू ने विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों को टीबी के लक्षण, बचाव एवं उपचार की जानकारी देते हुए बताया कि टीबी का समय पर पता लगने और नियमित एवं पूर्ण उपचार से रोग पर प्रभावी नियंत्रण संभव है, दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक रहने वाली खांसी, बुखार एवं वजन कम होने जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेते हुए समय पर जांच कराने की आवश्यकता पर बल दिया साथ ही, टीबी से जुड़े सामाजिक भ्रम एवं भेदभाव को समाप्त कर रोगियों के प्रति सहयोग एवं संवेदनशीलता का वातावरण बनाने का आह्वान किया तथा “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” के संकल्प के साथ क्षय मुक्त भारत के निर्माण में सहभागिता का संदेश दिया।
यू जी सी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ‘चेतना सीरीज’ के अंतर्गत ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित किया गया, जिसमें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, केंद्रीय टीबी विभाग की उप महानिदेशक डॉ. शोबिनी राजन मुख्य वक्ता रहीं। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने UGC के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से इस वेबकास्ट में सक्रिय सहभागिता दी।
29 अगस्त राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर “खेल एवं फिटनेस को संस्कृति के रूप में अपनाने” विषय पर फिट इंडिया कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में खेलों के प्रति जागरूकता, शारीरिक फिटनेस, अनुशासन, टीम भावना एवं स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि खेल एवं फिटनेस केवल विशेष अवसरों तक सीमित न होकर दैनिक जीवन एवं शैक्षणिक गतिविधियो का अभिन्न हिस्सा है ।कार्यक्रम में विधि संकाय की सहायक प्राध्यापिका सुश्री संजना गोयल ने खेलों के माध्यम से नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, टीम भावना, शारीरिक स्वास्थ्य एवं मानसिक कल्याण को बढ़ावा देने पर प्रकाश डालते हुए खिलाड़ियों के अधिकार एवं दायित्व, निष्पक्ष खेल भावना, खेल-संबंधी चोटों तथा खेल गतिविधियों में नैतिक आचरण जैसे महत्वपूर्ण कानूनी एवं नैतिक पहलुओं की जानकारी दी।
एनसीसी कैडेट श्री दीपक कुमार ने भी राष्ट्रीय खेल दिवस के महत्त्व तथा खेल एवं फिटनेस को जीवनशैली के रूप में अपनाने की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किया। उक्त कार्यक्रम संस्था के संयुक्त प्रबंध निदेशक द्वय श्रीमती शालिनी चंद्राकर ,श्री जय चंद्राकर एवं कुलपति प्रो. बी. एन. तिवारी के मार्गदर्शन मे हुआ।
कार्यक्रमों में उप कुलपति डॉ. आलोक भट्ट, कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र कुमार स्वर्णकार, अकादमिक अधिष्ठाता डॉ. अजय सिंह तथा शिक्षा संकाय के अधिष्ठाता डॉ. मनोज मौर्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में एन एस एस कार्यक्रम अधिकारी श्री रोशन नोनहारे , समन्वयकों सुश्री प्रियंका सिन्हा, सुश्री योगिता सिन्हा, श्री रजत आनंद एवं श्री निखिल देव प्रसाद की भूमिका रही, समन्वय एनसीसी प्रकोष्ठ प्रमुख डॉ. आस्था चतुर्वेदी ने एवं संचालन सुश्री आकांक्षा झा ने किया।
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