जिनका कोई नहीं, उनका सहारा बनी यूथ सिख सेवा समिति, इंद्रजीत सिंह छोटू ने निभाया इंसानियत का फर्ज
भिलाई। जब अपनों का साथ छूट जाता है और आर्थिक मजबूरियां इंसान को अपने ही परिजन की अंतिम यात्रा की व्यवस्था करने में असहाय बना देती हैं, तब समाज की संवेदनशीलता ही सबसे बड़ा सहारा बनती है। भिलाई में यूथ सिख सेवा समिति ने एक बार फिर इंसानियत और सेवा की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने समाज के सामने मानवता का एक प्रेरणादायी उदाहरण रखा।
27 अगस्त 2026 की सुबह यूथ सिख सेवा समिति भिलाई के हेल्पलाइन नंबर पर सूचना प्राप्त हुई कि कांट्रेक्टर कॉलोनी निवासी मंगल सिंह का 26 अगस्त को बीमारी के कारण निधन हो गया है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण उनके अंतिम संस्कार की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा था। मृतक मंगल सिंह गाड़ी में हेल्परी का काम कर अपने परिवार का जीवन यापन करते थे।
मंगल सिंह के परिवार में छोटी बहन, विधवा बहन, दुर्घटना में पैर में प्लेट लगी होने के कारण असहाय अवस्था में छोटा भाई और बुजुर्ग पिता हैं। घर में कमाने वाले व्यक्ति के चले जाने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। एक ओर परिवार अपने सदस्य को खोने के गम में था, वहीं दूसरी ओर अंतिम संस्कार की व्यवस्था को लेकर भी चिंता सामने खड़ी थी।
जैसे ही इस पूरे मामले की जानकारी यूथ सिख सेवा समिति भिलाई के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू को मिली, उन्होंने परिस्थितियों को समझते हुए तत्काल समिति के माध्यम से अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने का निर्णय लिया। समिति के सहयोग से मंगल सिंह की अंतिम यात्रा रामनगर मुक्तिधाम पहुंची, जहां पूरे सम्मान, विधि-विधान और गरिमा के साथ उनका अंतिम संस्कार कराया गया।
इस सेवा कार्य के माध्यम से यूथ सिख सेवा समिति भिलाई ने यह साबित किया कि इंसानियत किसी जाति, धर्म, वर्ग या आर्थिक स्थिति की मोहताज नहीं होती। जरूरत के समय किसी असहाय के साथ खड़ा होना ही सच्ची मानव सेवा है। खास तौर पर उस समय जब परिवार अपने किसी सदस्य की अंतिम विदाई तक की व्यवस्था करने में सक्षम न हो, तब उसके साथ खड़ा होना समाज के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी है।
यूथ सिख सेवा समिति भिलाई के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू ने कहा कि समिति का उद्देश्य केवल सेवा कार्य करना नहीं, बल्कि ऐसे लोगों तक पहुंचना है जिन्हें वास्तव में मदद की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसी परिवार को आर्थिक मजबूरी के कारण अपने प्रियजन की अंतिम विदाई सम्मानपूर्वक करने में परेशानी न हो, इसके लिए समिति हमेशा आगे आने का प्रयास करती रहेगी।
उन्होंने बताया कि यूथ सिख सेवा समिति भिलाई और सर्व समाज कल्याण समिति ने भिलाई क्षेत्र के जरूरतमंद और असहाय लोगों की हरसंभव सहायता करने का संकल्प लिया है। समिति द्वारा समय-समय पर जरूरतमंद परिवारों की सहायता, लावारिस शवों के अंतिम संस्कार और आर्थिक रूप से असमर्थ परिवारों को अंतिम संस्कार में सहयोग जैसे सेवा कार्य किए जा रहे हैं।
इंद्रजीत सिंह छोटू ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी के आसपास कोई ऐसा परिवार है जो आर्थिक या पारिवारिक परिस्थितियों के कारण अपने परिजन का अंतिम संस्कार करने में सक्षम नहीं है, अथवा कोई लावारिस शव मिलता है, तो इसकी सूचना तत्काल यूथ सिख सेवा समिति भिलाई के हेल्पलाइन नंबर 9755212855 पर दी जा सकती है। समिति द्वारा यथासंभव सहयोग करते हुए अंतिम संस्कार सम्मान और गरिमा के साथ कराया जाएगा।
मंगल सिंह की अंतिम विदाई के दौरान एक बार फिर यह संदेश सामने आया कि समाज में सेवा करने के लिए बड़े संसाधनों से ज्यादा बड़े दिल की जरूरत होती है। जिस परिवार के लिए अंतिम संस्कार तक की व्यवस्था करना कठिन था, उसके साथ यूथ सिख सेवा समिति खड़ी हुई और मंगल सिंह को सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी।
यूथ सिख सेवा समिति भिलाई का संकल्प स्पष्ट है—जरूरत की घड़ी में कोई अकेला न रहे और अंतिम यात्रा में भी किसी इंसान की गरिमा कम न हो।
जिनका कोई नहीं, उनका यूथ सिख सेवा समिति भिलाई।
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