प्रदेश सहित जिले के लिए भी एक अच्छी खबर सामने आई है, जहां प्रदेश के मिनी गोवा नाम से प्रसिद्ध जिला का गंगरेल बांध लगभग 90 प्रतिशत भर चुका है। बांध में पानी की आवक बढ़ती है तो ऐसे में जल्द ही बांध के गेट खोले जा सकते है।
छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश से धमतरी जिले के बांधों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश के मिनी गोवा के नाम से मशहूर गंगरेल बांध अब करीब 89 प्रतिशत भर चुका है। ऐसे में यदि जल आवक इसी तरह बनी रही तो आने वाले दिनों में बांध के गेट खोले जाने की संभावना बढ़ गई है। रविवार की छुट्टी के चलते बड़ी संख्या में लोग लबालब गंगरेल बांध का नजारा देखने भी पहुंचे।
गंगरेल बांध की कुल जल संग्रहण क्षमता 32.150 टीएमसी है। वर्तमान में इसमें 28.917 टीएमसी पानी जमा है, जिसमें उपयोगी जल भराव 23.846 टीएमसी है। जिले के अन्य प्रमुख जलाशयों में भी पानी की स्थिति बेहतर है। मुरुमसिल्ली बांध 93 प्रतिशत, दुधावा 76 प्रतिशत और सोंढुर बांध 74 प्रतिशत भर चुका है। चारों प्रमुख बांधों की कुल क्षमता 55.176 टीएमसी है, जबकि वर्तमान में करीब 47.55 टीएमसी पानी जमा हो चुका है। उपयोगी जल भराव 41.545 टीएमसी दर्ज किया गया है।
भू-अभिलेख शाखा की रिपोर्ट के अनुसार 1 जून से 23 अगस्त 2026 तक धमतरी जिले में 783.5 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। यह पिछले 10 वर्षों की इसी अवधि की औसत वर्षा 744.7 मिमी के मुकाबले 105.2 प्रतिशत है। नगरी तहसील में सबसे ज्यादा 878.2 मिमी, धमतरी में 829.4 मिमी और कुकरेल में 787 मिमी बारिश दर्ज की गई। कुरूद में 778.3, मगरलोड में 773.9 और बेलरगांव में 754.1 मिमी बारिश हुई है। भखारा में 683.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
जिला प्रशासन ने लगातार बारिश को देखते हुए लोगों से नदी, नाले, बांध और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षा को प्राथमिकता दें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
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