दुर्ग रेवले स्टेशन पर जीआरपी ने एक नाबालिग कपल को पकड़ा है। ये नाबालिग पिछले एक महीने से दुर्ग में कमरा किराए पर लेकर लिव-इन में रह रहे थे। युवक दिल्ली का था और दोनों की दोस्ती इंस्टाग्राम पर हुई थी, कमरे का किराया देने पैसा नहीं होने पर दोनों दिल्ली जा रहे थे।

जीआरपी दुर्ग ने मंगलवार को रेलवे स्टेशन पर किशोर और किशोरी को पकड़ा। दोनों दिल्ली जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। जीआरपी ने दोनों को चाइल्ड लाइन दुर्ग के सुपुर्द कर दिया।

पूछताछ में सामने आया कि दोनों नाबालिग हैं और पिछले एक महीने से लिव-इन में रह रहे थे। बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करने पर पता चला कि वे लिव इन रिलेशन में रह रहे थे। बाल कल्याण समिति ने दोनों नाबालिगों को अलग-अलग आश्रय गृह भेज दिया है।


बाल कल्याण कल्याण समिति के अध्यक्ष राकेश साहू ने बताया कि नाबालिग युवती को बालिका गृह राजनांदगांव और नाबालिग युवक को दुर्ग के आश्रय गृह में रखा गया है। दोनों के स्वजन को भी सूचना दे दी गई है।



प्राप्त जानकारी के मुताबिक युवक मुस्लिम है और दिल्ली का रहने वाला है, वहीं युवती दुर्ग की रहने वाली है। दोनों नाबालिग है और इंस्टाग्राम के माध्यम से उनकी दोस्ती हुई। दोस्ती होने के बाद युवक दुर्ग आया और दोनों करीब एक महीने से कातुलबोड क्षेत्र में किराए का एक मकान लेकर लिव इन रिलेशन में रह रहे थे।
जीआरपी दुर्ग ने दोनों को मंगलवार सुबह दुर्ग रेलवे स्टेशन में पकड़ा। दोनों को नाबालिग होना पाए जाने पर उन्हें चाइल्ड लाइन दुर्ग के सुपुर्द कर दिया। चाइल्ड लाइन ने दोनों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया।
होटल में काम करते थे दोनों नाबालिग
लिव इन रिलेशन में रह रहे नाबालिग होटल में काम करते थे। मकान का किराया देने के लिए पैसा नहीं होने के बाद किशोर, किशोरी को साथ लेकर दिल्ली जाने वाले थे। दिल्ली में उसकी मां रहती है। दिल्ली जाने के लिए ट्रेन पकड़ने दोनों रेलवे स्टेशन दुर्ग पहुंचे थे। जहां जीआरपी के हत्थे चढ़ गए।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। यदि जांच में किसी प्रकार की जबरदस्ती, बहलाने-फुसलाने या अन्य आपराधिक तत्वों की पुष्टि होती है, तो संबंधित धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
GRP दुर्ग नागरिकों से अपील करती है कि वे अपने बच्चों पर उचित निगरानी रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या नाबालिगों की यात्रा की जानकारी तुरंत रेलवे पुलिस को दें।




































