अजोरा-थनौद में मा सारदा पब्लिक स्कूल की प्री-प्राइमरी शाखा का शुभारंभ, ग्रामीण अंचल के बच्चों को अब मिलेगी आधुनिक शिक्षा की सुविधा

अजोरा-थनौद क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मा सारदा पब्लिक स्कूल की प्री-प्राइमरी शाखा का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस नई शाखा के शुरू होने से अजोरा, धनोरा,थनौद सहित आसपास के गांवों के बच्चों को अब प्रारंभिक स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेगी।
शुभारंभ कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, अभिभावक, शिक्षाविद एवं स्कूल प्रबंधन की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया, जिसके बाद अतिथियों ने स्कूल परिसर का अवलोकन किया और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की मजबूत नींव रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, और यह पहल उसी दिशा में एक सराहनीय कदम है।
स्कूल प्रबंधन ने बताया कि प्री-प्राइमरी शाखा में बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यहां स्मार्ट क्लास, खेल-आधारित शिक्षण पद्धति, एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग, स्वच्छ और सुरक्षित परिसर, आकर्षक कक्षाएं तथा प्रशिक्षित और अनुभवी शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। बच्चों के मानसिक, शारीरिक और बौद्धिक विकास के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया पाठ्यक्रम अपनाया जाएगा, जिससे वे पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों में भी आगे बढ़ सकें।
इस नई शाखा के खुलने से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि अब उन्हें अपने छोटे बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर शहरों में भेजने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे समय और संसाधनों की बचत के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा और सुविधा भी सुनिश्चित होगी। साथ ही, क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने में भी यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि यह केवल एक स्कूल का उद्घाटन नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक सकारात्मक बदलाव है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी तरह की शैक्षणिक पहलें होती रहेंगी, जिससे ग्रामीण अंचल के बच्चों को शहरों के समान अवसर मिल सकें।
कार्यक्रम के अंत में स्कूल प्रबंधन ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि वे शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।









