10 दिन से लापता बुजुर्ग का खेत में मिला कंकाल, गांव में पसरा मातम
कांकेर। जिले के चारामा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चावड़ी में एक बुजुर्ग का कंकाल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। कंकाल की पहचान गांव के 70 वर्षीय लीलाराम साहू के रूप में हुई है, जो पिछले 10 दिनों से लापता थे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है, वहीं परिजन गहरे सदमे में हैं।
जानकारी के अनुसार, लीलाराम साहू रोज की तरह करीब 10 दिन पहले अपनी साइकिल लेकर घर से निकले थे। वह अक्सर आसपास के क्षेत्रों में घूमने जाया करते थे और कुछ समय बाद वापस लौट आते थे। लेकिन उस दिन घर से निकलने के बाद वह वापस नहीं लौटे। देर रात तक उनके घर नहीं पहुंचने पर परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने रिश्तेदारों व परिचितों के यहां उनकी तलाश शुरू की।
काफी खोजबीन के बावजूद जब लीलाराम का कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने चारामा थाना में उनकी गुमशुदगी की सूचना दी। इसके बाद पुलिस भी उनकी तलाश में जुट गई। लगातार कई दिनों तक खोजबीन चलती रही, लेकिन उनका पता नहीं चल सका।
इसी बीच गांव के लोगों ने घर से करीब चार किलोमीटर दूर एक खेत में मानव कंकाल पड़े होने की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। आसपास के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में घटनास्थल पर एकत्र हो गए। जांच के दौरान कपड़ों और अन्य पहचान के आधार पर कंकाल की पहचान लीलाराम साहू के रूप में की गई।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि बुजुर्ग किसी कारणवश खेत में गिर गए होंगे, जिससे उनकी मौत हो गई। शव लंबे समय तक खुले स्थान पर पड़ा रहने के कारण पूरी तरह कंकाल में तब्दील हो गया। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
पुलिस ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। फिलहाल पुलिस को मामले में किसी प्रकार की आपराधिक साजिश या हत्या के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच जारी रखी गई है।
चारामा थाना पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी। फिलहाल उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इसे दुर्घटनाजनित मौत माना जा रहा है।
वहीं, लीलाराम साहू की गुमशुदगी और फिर कंकाल मिलने की घटना से गांव के लोग भी स्तब्ध हैं। परिजनों का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि 10 दिनों से लापता बुजुर्ग इस हालत में मिलेंगे। घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है।













