दुर्ग में भीषण गर्मी में आगजनी की घटना थमने का नाम नहीं ले रही है। इसी कड़ी में धान संग्रहण केंद्र में आग लगने से हड़कंप मच गया। कोडिया धान संग्रहण केंद्र में आज भीषण आग लग गई।
दुर्ग में भीषण गर्मी के बीच आगजनी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इसी कड़ी में एक धान संग्रहण केंद्र में आग लगने से हड़कंप मच गया। कोडिया धान संग्रहण केंद्र में शनिवार को भीषण आग लग गई। घटना की सूचना पुलिस और दमकल विभाग को दी गई, जिसके बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
नंदिनी थाना क्षेत्र के कोडिया गांव स्थित धान संग्रहण केंद्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वहां से आग की लपटें उठती दिखाई दीं। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इसके बाद पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत करते हुए पांच टैंकर पानी की बौछार के बाद आग पर काबू पाया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, धान संग्रहण केंद्र के पास स्थित एक खेत में किसान ने पैरा (पराली) में आग लगाई थी। तेज हवा के कारण आग फैलते हुए धान संग्रहण केंद्र तक पहुंच गई और वहां रखे सामान को अपनी चपेट में ले लिया। आग से संग्रहण केंद्र में रखा 510 क्विंटल धान, पुराने बारदान और भूसा जलकर राख हो गया।
आग से संग्रहण केंद्र को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है कि जला हुआ धान अमानक श्रेणी का था, जिसकी बिक्री के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही थी। इस धान का उपयोग आमतौर पर मवेशियों के चारे के रूप में किया जाता है।
अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम को मौके पर रवाना किया गया। टीम ने धान संग्रहण केंद्र में लगी आग पर कड़ी मशक्कत के बाद काबू पा लिया। उन्होंने बताया कि संग्रहण केंद्र में पिछले वर्ष का धान रखा हुआ था। आग से धान, बारदान और भूसा प्रभावित हुआ, जिसे समय रहते नियंत्रित कर लिया गया।













