राजनांदगांव जिले के न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद दुर्ग न्यायालय में भी एहतियातन पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है।

राजनांदगांव जिले के न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद दुर्ग न्यायालय में भी एहतियातन पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। दुर्ग एसपी के निर्देश पर रूटीन जांच के साथ-साथ बम की धमकी के मद्देनजर पूरे न्यायालय परिसर की सघन तलाशी ली गई।

सुरक्षा व्यवस्था का जायजा
दुर्ग न्यायालय परिसर के चारों प्रवेश द्वारों पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) लगाए गए हैं। कोर्ट आने-जाने वाले सभी लोगों की जांच की जा रही है। इसके अतिरिक्त, डॉग स्क्वायड को बुलाकर परिसर में बम की तलाश की गई। पूरे परिसर और आसपास के इलाकों में लगभग 60 से अधिक पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके।




अधिवक्ताओं की मांगें
धमकी भरे ईमेल के बाद, जिले के अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में न्यायालय परिसर के सभी प्रवेश द्वारों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना और एक चेक पोस्ट स्थापित करना शामिल है। अधिवक्ताओं का कहना है कि इससे संदिग्ध लोगों को न्यायालय परिसर में आसानी से प्रवेश करने से रोका जा सकेगा। प्रदेश में जनसंख्या के अनुरूप दुर्ग जिला दूसरा सबसे बड़ा न्यायालय होने के कारण, यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में पक्षकार और उनके वकील आते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता होना अत्यंत आवश्यक है।

पुलिस का बयान
इस मामले पर क्राइम ब्रांच डीएसपी अलेक्जेंडर किरो ने बताया कि दुर्ग एसएसपी के निर्देश पर प्रतिमाह रूटीन चेकिंग की जाती है। आज भी उसी क्रम में जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सुरक्षा को लेकर सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।






































