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भिलाई। दुर्ग पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी ड्रग लाइसेंस के जरिए प्रतिबंधित कोडीन युक्त सिरप की तस्करी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने मुख्य सरगना सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 5 लाख रुपये मूल्य का मशरूका जब्त किया है।

मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब दिनांक 23 अप्रैल 2026 को चौकी स्मृतिनगर पुलिस को सूचना मिली कि जुनवानी खम्हरिया रोड, भिलाई के पास कुछ व्यक्ति प्रतिबंधित नशीली सिरप की अवैध बिक्री हेतु परिवहन कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए चौकी स्मृतिनगर एवं एसीसीयू की संयुक्त टीम ने तत्काल घेराबंदी कर कार्रवाई की।

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कार्रवाई के दौरान पुलिस ने संदिग्ध सेण्ट्रो कार क्रमांक CG-07/8595 को रोककर तलाशी ली, जिसमें 7 कार्टून में भरी प्रतिबंधित कोडीन युक्त CADIFOS-T सिरप बरामद की गई। मौके पर मौजूद आरोपियों से पूछताछ करने पर चौंकाने वाले खुलासे सामने आए।

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जांच में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे फर्जी ड्रग लाइसेंस तैयार कर गुजरात स्थित कंपनी से इंडिया मार्ट और ई-कुरियर के माध्यम से बड़ी मात्रा में नशीली सिरप मंगाते थे। इसके बाद इस सिरप को ऊंची कीमत पर स्थानीय स्तर पर बेचकर अवैध मुनाफा कमाया जाता था।

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पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी योगेश शर्मा ने एक असली ड्रग लाइसेंस में एडिटिंग कर अपने नाम से फर्जी लाइसेंस तैयार कराया था। इसके साथ ही फर्जी लेटरपैड और सील बनवाकर कंपनी को भेजा जाता था, जिससे आसानी से प्रतिबंधित सिरप की सप्लाई हो जाती थी।

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इस नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपी महावीर जैन उर्फ रोहित और सतीश मेश्राम को भी गिरफ्तार किया गया है। गिरोह लंबे समय से युवाओं को नशे का आदी बनाकर अवैध धन अर्जित कर रहा था।

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पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 800 नग कोडीन युक्त सिरप, एक एक्टिवा, एक सेण्ट्रो कार, 4 मोबाइल फोन तथा नगद राशि जब्त की है, जिसकी कुल कीमत लगभग 5 लाख रुपये आंकी गई है।

आरोपियों के विरुद्ध NDPS Act की धारा 8(ख), 22, 27(क) एवं 29 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि नशीले पदार्थों, प्रतिबंधित दवाओं या किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। युवाओं को नशे से बचाने और समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस का सहयोग करना अत्यंत आवश्यक है।

सराहनीय भूमिका

इस पूरी कार्रवाई में चौकी स्मृतिनगर एवं एसीसीयू टीम की अहम भूमिका रही। टीम ने सटीक सूचना संकलन, त्वरित घेराबंदी और आरोपियों की गिरफ्तारी में प्रभावी कार्य किया, जिससे एक बड़े नशा तस्करी नेटवर्क का खुलासा संभव हो सका।