छत्तीसगढ़

रेत विवाद में भाजपा नेता की जिंदा जलकर मौत, फॉर्च्यूनर में लगाई गई आग; कोरिया में तनाव, जांच तेज

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव में भाजपा के पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की कथित तौर पर जिंदा जलकर मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह घटना रेत कारोबार और अवैध खनन को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद से जुड़ी बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

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जानकारी के मुताबिक, नौगई रेत घाट के संचालन को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि भरत सिंह के रिश्तेदार नागेंद्र सिंह के बेटे ने रेत घाट का ठेका लिया था, जिसे लेकर दूसरे पक्ष के साथ तनातनी बनी हुई थी। इसी विवाद ने देर रात हिंसक रूप ले लिया।

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बताया जा रहा है कि रात करीब 12 बजे कुछ लोग भरत सिंह के घर के बाहर पहुंचे और विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि हमलावरों ने भरत सिंह की फॉर्च्यूनर कार के सामने डंपर खड़ा कर उसका रास्ता रोक दिया। इसके बाद वाहन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। उस समय कार में भरत सिंह, उनके भाई एवं शिक्षक नागेंद्र सिंह, रायपुर निवासी वीरू सिंह सहित अन्य लोग सवार थे।

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प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों का आरोप है कि आग लगने के बाद वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं दिया गया, जिससे वे आग की चपेट में आ गए। हादसे में भरत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से झुलसे शिक्षक नागेंद्र सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अन्य घायलों को बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया है।

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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के आईजी दीपक झा ने भी घटनास्थल का दौरा किया और अधिकारियों से पूरी जानकारी ली। फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने का काम शुरू कर दिया है।

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इस घटना पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने घटना के राजनीतिकरण से बचने की अपील भी की।

फिलहाल पुलिस आगजनी, हत्या और रेत कारोबार से जुड़े विवाद के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। गांव में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। भरत सिंह क्षेत्र के प्रभावशाली भाजपा नेताओं में गिने जाते थे, ऐसे में उनकी मौत की खबर से समर्थकों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश और शोक का माहौल है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों और जिम्मेदार लोगों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।