छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का रेड अलर्ट, दुर्ग समेत कई जिले अलर्ट मोड पर; शिवनाथ नदी खतरे के करीब
छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब के प्रभाव से मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार तेज बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 25 सितंबर को दुर्ग समेत कई जिलों में भारी बारिश के साथ तेज हवाओं को लेकर रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है, वहीं नदी-नालों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है।
दुर्ग जिले में बुधवार से शुरू हुई बारिश का दौर गुरुवार को भी जारी रहा। लगातार बारिश के कारण भिलाई शहर के कई मुख्य मार्गों और निचले इलाकों में पानी भर गया। बारिश के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन और स्थानीय अमला जलभराव वाले क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है।
बस्तर संभाग में बारिश का असर और अधिक व्यापक दिखाई दिया। लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने कुछ जिलों में स्कूलों को बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं। बीजापुर और कोंडागांव में भी भारी बारिश को देखते हुए स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बुधवार सुबह 8 बजे से गुरुवार रात 8 बजे तक जगदलपुर में करीब 130 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के चलते शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। धरमपुरा मार्ग पर बिनाका मॉल के पास सड़क पर पानी भरने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीण इलाकों में भी बारिश का असर देखने को मिला। दरभा, लोहंडीगुड़ा और बास्तानार ब्लॉक के अंदरूनी गांवों में कई स्थानों पर संपर्क प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश के कारण स्थानीय नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है।
इधर दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। पुराना पुल स्थित गेज साइट पर नदी का जलस्तर 6.30 मीटर तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से करीब आधा मीटर नीचे बताया जा रहा है। लगातार बारिश जारी रहने की स्थिति में नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।
स्थिति को देखते हुए कलेक्टर आकाश छिकारा ने आपातकालीन बैठक लेकर मैदानी अमले, तहसीलदारों और पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने तथा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। नदी किनारे बसे गांवों और संवेदनशील बस्तियों में मुनादी कराकर लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
जिन पुल-पुलियों और निचले मार्गों पर पानी बह रहा है, वहां बैरिकेड्स लगाए गए हैं तथा आवश्यकता के अनुसार आवागमन प्रतिबंधित किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से पानी के तेज बहाव वाले स्थानों, नदी-नालों और जलभराव वाले मार्गों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की है।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है। ऐसे में नदी-नालों के जलस्तर में और वृद्धि होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है।
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