मेधावी बिटिया भाविका मिश्रा का सम्मान: 97% अंक से बढ़ाया भिलाई का मान
भिलाई। भारतीय जनता पार्टी, जिला भिलाई के शिक्षा प्रकोष्ठ के तत्वावधान में कक्षा 10वीं में 97% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल करने वाली हेरिटेज पब्लिक स्कूल भिलाई की प्रतिभाशाली छात्रा कुमारी भाविका मिश्रा का उनके निवास स्थान पर पहुंचकर सम्मान किया गया। इस प्रेरणादायक सम्मान समारोह ने न केवल भाविका की शैक्षणिक सफलता का उत्सव मनाया, बल्कि पूरे जिले के विद्यार्थियों के लिए मेहनत, अनुशासन और संस्कार का सशक्त संदेश भी दिया।
कार्यक्रम में भाजपा शिक्षा प्रकोष्ठ के रायपुर संभाग प्रभारी एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य श्री बृजमोहन उपाध्याय, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य (पिछड़ा वर्ग मोर्चा) श्री कन्हैया सोनी, प्रदेश संवाद प्रमुख (झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ) श्री शारदा गुप्ता तथा जिला संयोजक शिक्षा प्रकोष्ठ श्री विनोद उपाध्याय विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी पदाधिकारियों ने भाविका को गीता, शॉल, श्रीफल एवं कलम भेंट कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस गौरवपूर्ण अवसर पर भाविका की माता श्रीमती रीना मिश्रा, नाना श्री संकर्षण प्रसाद तिवारी एवं नानी श्रीमती कुष्मा तिवारी उपस्थित रहे। वहीं, भाविका के पिता श्री अजय मिश्रा, जो सीआरपीएफ में अनंतनाग में देश सेवा में कार्यरत हैं, उनसे वीडियो कॉल के माध्यम से संवाद किया गया। अपनी बेटी को सम्मानित होते देख वे भावुक हो उठे और गर्व से कहा कि उनकी बेटी ही उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान और गौरव है।
इस दौरान उपस्थित अतिथियों ने भाविका की सफलता को परिवार के संस्कार, समर्पण और कठिन परिश्रम का परिणाम बताया। श्री बृजमोहन उपाध्याय ने कहा कि भाविका की उपलब्धि समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। श्री कन्हैया सोनी ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि अनुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और सुनियोजित अध्ययन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। श्री शारदा गुप्ता ने भाविका के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वह सफलता के नए आयाम स्थापित करेगी। वहीं श्री विनोद उपाध्याय ने शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि भाविका की उपलब्धि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है।
भाविका मिश्रा ने अपने भविष्य के लक्ष्य के रूप में गणित विषय लेकर आईआईटी में चयन का संकल्प व्यक्त किया। उनका आत्मविश्वास और स्पष्ट लक्ष्य उपस्थित सभी लोगों के लिए प्रेरणा का केंद्र रहा। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने गणित शिक्षक श्री श्यामू पाण्डेय को देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह सम्मान समारोह केवल एक मेधावी छात्रा की उपलब्धि का उत्सव नहीं रहा, बल्कि समाज के प्रत्येक विद्यार्थी के लिए यह संदेश भी बनकर उभरा कि मेहनत, अनुशासन, परिवार के संस्कार और सही मार्गदर्शन से सफलता के सर्वोच्च शिखर तक पहुंचा जा सकता है।










