बालोद जिले के ग्राम पीपरछेड़ी क्षेत्र में मंगलवार दोपहर एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। तांदुला नहर में नहाने और बेटी को तैरना सिखाने गए पिता-पुत्री अचानक तेज पानी के बहाव की चपेट में आ गए। इस दर्दनाक घटना में पिता की मौत हो गई, जबकि 12 वर्षीय बेटी की तलाश देर शाम तक जारी रही।
जानकारी के अनुसार ग्राम धोबनपुरी निवासी 35 वर्षीय यमन गंजीर अपनी बेटी पल्लवी के साथ पीपरछेड़ी स्थित तांदुला नहर पहुंचे थे। दोपहर करीब 12 बजे यमन अपनी बेटी को नहर में तैरना सिखा रहे थे, तभी अचानक नहर में पानी का बहाव तेज हो गया। देखते ही देखते पिता और बेटी दोनों तेज धारा में बह गए। पास में मौजूद एक अन्य बच्ची दामिनी भी पानी की चपेट में आ गई थी, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों की सतर्कता और त्वरित प्रयास से उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। पुलिस, नगर सेना और गोताखोरों की रेस्क्यू टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और खोज अभियान शुरू किया गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए तांदुला और गंगरेल बांध से छोड़े जा रहे पानी के बहाव को अस्थायी रूप से नियंत्रित किया गया ताकि राहत एवं बचाव कार्य में आसानी हो सके।
कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम ने घटनास्थल से कुछ दूरी पर यमन गंजीर का शव बरामद कर लिया। हालांकि उनकी बेटी पल्लवी का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। नहर के विभिन्न हिस्सों में सघन तलाशी अभियान जारी है और प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही बच्ची का पता लगाया जा सकेगा।
बताया जा रहा है कि यमन गंजीर बालोद जिला अस्पताल में 108 एम्बुलेंस सेवा में इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT) के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने लंबे समय तक पखांजूर क्षेत्र में भी अपनी सेवाएं दी थीं। हाल ही में नई जिम्मेदारी के तहत उनका स्थानांतरण बालोद मुख्यालय हुआ था। उनकी असामयिक मृत्यु से स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय समाज में भी गहरा शोक व्याप्त है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि तांदुला नहर में कई बार अचानक पानी का बहाव तेज हो जाता है, जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने और चेतावनी संकेत लगाने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पूरा क्षेत्र लापता बच्ची की सुरक्षित बरामदगी की दुआ कर रहा है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह हादसा एक बार फिर जलाशयों और नहरों के आसपास सुरक्षा उपायों की गंभीर आवश्यकता को उजागर करता है।










