जेईई एडवांस्ड 2026 में माँ शारदा पब्लिक स्कूल की वत्सला जिंदल का जलवा, AIR 1948 के साथ जिले में दूसरा स्थान
भिलाई। देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में प्रवेश के लिए आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) एडवांस्ड 2026 के परिणाम घोषित हो गए हैं। इस परीक्षा में माँ शारदा पब्लिक स्कूल की छात्रा वत्सला जिंदल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1948 हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ वह जिले में दूसरा स्थान प्राप्त करने में सफल रही हैं। वत्सला की सफलता से विद्यालय, परिवार और पूरे जिले में खुशी का माहौल है।
जेईई एडवांस्ड देश की सबसे कठिन और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। ऐसे में वत्सला ने अपनी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अध्ययन के बल पर यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उनकी सफलता ने न केवल विद्यालय का नाम रोशन किया है, बल्कि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है।
वत्सला ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित अध्ययन, आत्मविश्वास और सेल्फ स्टडी को दिया है। उन्होंने बताया कि 11वीं कक्षा से ही उन्होंने स्कूल की पढ़ाई के साथ-साथ जेईई की तैयारी शुरू कर दी थी। प्रतिदिन 5 से 6 घंटे की एकाग्र पढ़ाई और विषयों की गहन समझ पर विशेष ध्यान दिया। परीक्षा के पैटर्न और कठिन प्रश्नों को समझने के लिए उन्होंने कोचिंग का मार्गदर्शन लिया, लेकिन तैयारी का मुख्य आधार सेल्फ स्टडी ही रहा।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में मोबाइल फोन और सोशल मीडिया विद्यार्थियों का सबसे अधिक समय बर्बाद करते हैं। इसलिए उन्होंने तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी, जिससे उनका ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित रहा। वत्सला का मानना है कि यदि छात्र नियमितता और अनुशासन के साथ पढ़ाई करें तो सफलता अवश्य मिलती है।
विद्यालय प्रबंधन, प्राचार्य एवं शिक्षकों ने वत्सला जिंदल की इस शानदार उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। विद्यालय परिवार ने कहा कि वत्सला की सफलता अन्य विद्यार्थियों को भी बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।
गौरतलब है कि आईआईटी रुड़की द्वारा 17 मई 2026 को आयोजित जेईई एडवांस्ड परीक्षा में जिले के लगभग 5000 विद्यार्थियों ने भाग लिया था।
विभिन्न कोचिंग संस्थानों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के करीब 18 विद्यार्थियों ने 10 हजार रैंक के भीतर स्थान बनाया है। परिणाम घोषित होने के बाद अब संयुक्त सीट आवंटन (JoSAA) काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें सफल अभ्यर्थी अपनी रैंक और पसंद के अनुसार आईआईटी एवं अन्य संस्थानों का चयन कर सकेंगे।
वत्सला जिंदल की यह उपलब्धि निश्चित रूप से जिले के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है, जो यह साबित करती है कि समर्पण, मेहनत और सही रणनीति के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।











