सुशासन तिहार में दुर्ग को 737 करोड़ की विकास सौगात, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया लोकार्पण-भूमिपूजन
दुर्ग। प्रदेश में सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित सुशासन तिहार 2026 के तहत रविवार को दुर्ग जिले में विशाल समाधान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जिलेवासियों को 737 करोड़ 7 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 376 करोड़ 69 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 99 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 360 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित 152 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।
दुर्ग के जेआरडी स्कूल प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडेय, विधायक रिकेश सेन, डोमनलाल कोर्सेवाड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से सुशासन तिहार के माध्यम से गांव-गांव और शहर-शहर पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण और विकास कार्यों को गति देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कार्यक्रम के दौरान जिन प्रमुख विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया, उनमें शासकीय चंदूलाल चंद्राकर स्नातकोत्तर महाविद्यालय पाटन में इंडोर स्टेडियम एवं स्टाफ क्वार्टर निर्माण,हेमचंद यादव दुर्ग विश्वविद्यालय के भवन निर्माण कार्य,अंजोरा-चंगोरी-भरदा मार्ग पर शिवनाथ नदी पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण,दुर्ग-नगपुरा-करेला मार्ग पर पुल निर्माण,ठकुराईन टोला घाट में लक्ष्मण झूला निर्माण, तथा अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। इन कार्यों के पूर्ण होने से शिक्षा, यातायात, बिजली और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में जिले को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं।
युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों और शिकायतों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने 29 मई को थनौद में आयोजित सुशासन शिविर के दौरान जनपद पंचायत सीईओ और एक भाजपा नेता के बीच हुए विवाद के संबंध में भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा अभद्र व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। जहां भी ऐसी शिकायतें प्राप्त होंगी, वहां जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार प्रशासनिक जवाबदेही और सुशासन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है। अपराध, भ्रष्टाचार अथवा आम जनता के साथ दुर्व्यवहार जैसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार जनहित के मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है और सुशासन तिहार इसी सोच का परिणाम है।
कार्यक्रम के अंत में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया तथा मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनसमस्याओं के निराकरण में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। सुशासन तिहार के इस समाधान शिविर को जिले के विकास और जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।











