रेत माफियाओं के खिलाफ विधायक का हल्ला बोल: रातभर खदान में डटी रहीं सावित्री मंडावी, तब जागा प्रशासन
कांकेर। जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में उस समय हलचल मच गई, जब कांग्रेस विधायक सावित्री मंडावी स्वयं अपने समर्थकों और ग्रामीणों के साथ बेलवापानी रेत खदान पहुंच गईं। अवैध खनन की शिकायतों से नाराज विधायक ने शुक्रवार शाम से देर रात तक खदान परिसर में धरना दिया और जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार भानुप्रतापपुर ब्लॉक स्थित बेलवापानी रेत खदान में स्वीकृत क्षेत्र के अलावा अन्य स्थानों से भी मशीनों के जरिए बड़े पैमाने पर रेत निकाली जा रही थी। आरोप है कि खनन नियमों की अनदेखी करते हुए भारी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे पर्यावरणीय मानकों और शासन के दिशा-निर्देशों का खुला उल्लंघन हो रहा था। क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से नाराज विधायक ने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
विधायक सावित्री मंडावी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान खदान क्षेत्र में करीब 14 वाहन और एक चैन माउंटेन मशीन संचालित होती मिली। उन्होंने तत्काल प्रशासन और खनिज विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर अवैध खनन में संलिप्त वाहनों तथा मशीनों पर कार्रवाई की मांग की। विधायक शाम करीब 7 बजे खदान पहुंची थीं, लेकिन अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने से उन्होंने कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के साथ धरना शुरू कर दिया।
धरना देर रात तक जारी रहा। विधायक ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब क्षेत्र में लंबे समय से अवैध उत्खनन की शिकायतें मिल रही थीं, तब जिम्मेदार विभागों ने कोई प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे खुलेआम मशीनों से खनन कर रहे हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
करीब रात एक बजे प्रशासनिक अमला खदान पहुंचा, जिसके बाद कार्रवाई शुरू की गई। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद चैन माउंटेन मशीन को सील किया तथा अवैध खनन में प्रयुक्त वाहनों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की। कार्रवाई के बाद ही विधायक ने धरना समाप्त किया।
हालांकि सावित्री मंडावी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई और रेत माफियाओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया गया, तो वे ग्रामीणों के साथ पुलिस थाना घेराव और व्यापक जनआंदोलन करने को मजबूर होंगी। विधायक के इस तेवर के बाद क्षेत्र में अवैध खनन का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है और प्रशासन पर सख्त कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।











