स्मृति नगर रोड बना ‘जाम नगर’, एंबुलेंस तक नहीं निकल पा रही
भिलाई। स्मृति नगर रोड स्थित जगदंबा डेरी के पास इन दिनों लगातार लग रहे भीषण जाम से आम नागरिकों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। रोजाना शाम के व्यस्त समय में सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और स्थानीय रहवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित होने लगी हैं।
मंगलवार 19 मई को स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब जाम में एक एंबुलेंस फंस गई। काफी देर तक रास्ता नहीं मिलने पर एंबुलेंस चालक को वाहन वापस मोड़कर दूसरे रास्ते से जाना पड़ा। इस घटना का वीडियो जनहित संघर्ष समिति के संयोजक शारदा गुप्ता के पास उपलब्ध बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी गंभीर मरीज की जान पर बन आती तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार को एक हाईवा ट्रक सड़क पर सामने चल रहा था। सड़क संकरी होने और पर्याप्त जगह नहीं मिलने के कारण ट्रैफिक पूरी तरह बाधित हो गया, जिसके बाद लंबा जाम लग गया। लोगों का आरोप है कि सड़क किनारे बड़े वाहनों की आवाजाही और अवैध पार्किंग की वजह से स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है।
जनहित संघर्ष समिति के संयोजक शारदा गुप्ता ने कहा कि जगदंबा डेरी से लेकर झरोखा मैरिज प्लेस तक सड़क पर अत्यधिक दबाव रहता है। क्षेत्र में स्कूल, शैक्षणिक संस्थान, चौपाटी और विवाह स्थल होने के कारण वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सड़क चौड़ीकरण और ट्रैफिक प्रबंधन की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि शादी समारोह के दौरान झरोखा मैरिज प्लेस के पास लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जाम की वजह से पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को भी घटनास्थल तक पहुंचने में देरी होती है। यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है।
जनहित संघर्ष समिति ने प्रशासन से मांग की है कि स्मृति नगर रोड पर 112 वाहनों की नियमित गश्त शुरू की जाए, अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई हो और आवश्यकता अनुसार सड़क चौड़ीकरण के साथ बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था लागू की जाए। समिति ने इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन, सांसद Vijay Baghel तथा स्थानीय विधायक को भी शिकायत भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
मांग करने वालों में प्रमुख रूप से शारदा गुप्ता, विनोद उपाध्याय, निशु पांडे, डॉ. रमेश श्रीवास्तव, कन्हैया सोनी, बृजमोहन उपाध्याय, बंटी नाहर, अखिलेश वर्मा, जेपी घनघोरकर, संतोष जयसवाल, गुरनाम सिंह, हंसराज पटेल, सुभाष शर्मा, प्रदीप पांडे, टिंकू, रमेश देशमुख, नेहरू साहू, तुषार देवांगन, निर्मल भारती, छोटू पासवान, मृगेंद्र कुमार, हरीशचंद्र भारती, शक्ति सिंह, संजय दुबे, संजय साहू, गिरीश दामले, नरेश सोनी, अमोल साहू, अनिल सिंह, पीसी प्रसाद और योगेश यादव सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल हैं।









