भिलाई में डॉक्टर की घोर लापरवाही: फोन पर एक्स-रे देखकर 9 साल के बच्चे के टूटे हाथ में लगा दिया गलत प्लास्टर, लापरवाही उजागर…

जानकारी के अनुसार उतई थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पतोरा निवासी नौ वर्षीय सलोक बंजारे, पिता राजेश कुमार बंजारे, 26 दिसंबर को हुई दुर्घटना में दाहिने हाथ में फ्रैक्चर से पीड़ित हो गया था। परिजन उपचार के लिए उसे आस्था अस्पताल, उतई लेकर पहुंचे थे।

आरोप है कि अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर पवन तिवारी (बीएएमएस/एमडी, डी-फार्मा) ने बच्चे का एक्स-रे कराने के बाद किसी विशेषज्ञ आर्थोपेडिक डॉक्टर से प्रत्यक्ष परामर्श नहीं लिया। बल्कि एक्स-रे फिल्म को मोबाइल फोन के माध्यम से व्हाट्सएप पर एक अन्य डॉक्टर को भेजकर राय ली गई और उसी आधार पर स्वयं ही बच्चे के हाथ में प्लास्टर कर दिया गया।

परिजनों के अनुसार प्लास्टर लगाए जाने के बाद कई दिनों तक बच्चे के हाथ में लगातार दर्द, सूजन और कमजोरी बनी रही। इसके बावजूद उचित जांच या विशेषज्ञ उपचार नहीं कराया गया। गुरुवार को जब अस्पताल में प्लास्टर खोला गया, तो फ्रैक्चर में किसी प्रकार का सुधार नहीं पाया गया। हड्डी अब भी तिरछी स्थिति में नजर आ रही है, जिससे यह स्पष्ट है कि इलाज सही तरीके से नहीं किया गया।

इस घटना से परिजन बेहद चिंतित और परेशान हैं। उनका कहना है कि चिकित्सकीय लापरवाही के कारण बच्चे की हालत और बिगड़ गई है तथा भविष्य में स्थायी नुकसान की आशंका भी बनी हुई है। परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने और बच्चे को योग्य आर्थोपेडिक विशेषज्ञ से तत्काल उचित उपचार उपलब्ध कराने की मांग की है।

यह मामला निजी अस्पतालों में बिना विशेषज्ञ चिकित्सक के गंभीर चोटों के इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।