भिलाई-दुर्ग में खूनी वीकेंड: हत्या, दुष्कर्म, लूट और हिंसक वारदातों की श्रृंखला से दहला शहर
शनिवार और रविवार का वीकेंड भिलाई-दुर्ग के लिए बेहद भयावह और आपराधिक घटनाओं से भरा साबित हुआ। लगातार सामने आई सनसनीखेज वारदातों ने न सिर्फ आमजन को दहशत में डाल दिया, बल्कि पुलिस प्रशासन को भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर ला दिया।
शनिवार की शुरुआत भिलाई में एक दिल दहला देने वाली घटना से हुई, जहां एसटीएफ के आरक्षक की पत्नी और मासूम बेटे की निर्मम हत्या कर दी गई। इस दोहरे हत्याकांड की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में 5 वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म की जघन्य घटना सामने आ गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
इसके बाद खुर्सीपार के बालाजी नगर इलाके में बहन के साथ छेड़छाड़ से नाराज भाई ने दो युवकों पर चाकू से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। दोनों घायलों को उपचार के लिए स्पर्श अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
रविवार सुबह भी हालात सामान्य नहीं रहे। जेवरा-सिरसा चौकी क्षेत्र के करहीडीह गांव के पास 40 वर्षीय व्यक्ति का सिर कुचला हुआ शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान बेमेतरा निवासी के रूप में हुई है। हत्या के पीछे के कारणों और आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
इसी बीच सुबह करीब 6 बजे दुर्ग के सराफा मार्केट में तीन नकाबपोश बदमाशों ने एक ज्वेलरी दुकान को निशाना बनाने की कोशिश की। लूट की नीयत से पहुंचे आरोपियों ने सुरक्षा गार्ड पर चाकू से हमला कर दिया और मौके से फरार हो गए। घायल गार्ड को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटनाओं का सिलसिला यहीं नहीं थमा। खुर्सीपार थाना क्षेत्र के बापू नगर में 60 वर्षीय बुजुर्ग ने 30 वर्षीय युवक की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को तत्काल हिरासत में ले लिया।
लगातार 48 घंटों के भीतर हत्या, दुष्कर्म, लूट, चाकूबाजी और हिंसा की कई घटनाओं ने भिलाई-दुर्ग को अपराध की आग में झोंक दिया। इन वारदातों ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के लिए यह वीकेंड बड़ी चुनौती बनकर सामने आया, जहां हर कुछ घंटों में नई आपराधिक घटना सामने आती रही। आम नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल गहरा गया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने कहा,
“जब प्रदेश के प्रमुख शहरों में ही लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता आखिर किस पर भरोसा करे? सरकार केवल दावे कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत भयावह है।”
साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री और गृह विभाग से जवाब मांगते हुए अपराध नियंत्रण के लिए ठोस रणनीति बनाने की मांग की है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि कानून-व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।










