छत्तीसगढ़

पत्रकार पर सरकारी जमीन कब्जाने का आरोप: पहले अवैध मुरुम खनन, फिर खेती कर जमाने की कोशिश, राजस्व अमले की भूमिका पर उठे सवाल

धमधा की शासकीय भूमि पर कब्जे के आरोपों से मचा हड़कंप, पटवारी और तहसीलदार की कार्यप्रणाली पर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी

MGM School se 6
Bharti college
स्पर्स

धमधा। तहसील क्षेत्र के ग्राम धरमपुरा में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक स्थानीय पत्रकार राम कुमार यादव द्वारा पहले सरकारी जमीन से अवैध रूप से मुरुम का खनन कराया गया और बाद में उसी भूमि पर खेती कर कब्जा जमाने की कोशिश की जा रही है। मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

मुकेश
Sarada

ग्रामीणों के अनुसार संबंधित भूमि राजस्व अभिलेखों में शासकीय भूमि दर्ज है। आरोप है कि पिछले कुछ समय से उक्त जमीन पर मुरुम निकालने का कार्य किया गया, जिससे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा। इसके बाद भूमि को समतल कर खेती शुरू कर दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया सरकारी जमीन पर स्थायी कब्जा करने की मंशा से की जा रही है।

खाटू श्याम
Ad

मामले में पटवारी और तहसीलदार की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत और जानकारी देने के बावजूद राजस्व विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इससे प्रशासन और संबंधित व्यक्तियों के बीच मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।

Ad

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, शासकीय भूमि का सीमांकन कराकर अतिक्रमण हटाने तथा अवैध खनन के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी भूमि पर स्थायी कब्जा हो सकता है।

सीजू एंथोनी
अलताब
शमशेर

हालांकि, इस संबंध में आरोपित पक्ष का पक्ष सामने नहीं आ सका है। यदि उनका पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

नोट:यह समाचार आरोपों और शिकायतों पर आधारित है। किसी भी व्यक्ति को दोषी मानने से पहले प्रशासनिक जांच और आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।