भारतीय जनता पार्टी जिला भिलाई के निर्देशानुसार गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर वार्ड क्रमांक-51 खुर्सीपार में संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी की 650वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में 'समरसता संकल्प अभियान' के तहत दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य (ओबीसी मोर्चा) कन्हैया सोनी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर संत रविदास जी के सामाजिक समरसता, समानता और मानव कल्याण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संत गुरु रविदास महाराज के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। उपस्थित जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने पूजा-अर्चना कर संत रविदास जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा समाज में सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया। गुरु पूर्णिमा जैसे पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का संदेश दिया।
इस अवसर पर कन्हैया सोनी ने कहा कि संत रविदास जी केवल एक संत ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और मानवता के महान प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने अपने विचारों और जीवन के माध्यम से जाति-पांति और ऊंच-नीच से ऊपर उठकर समाज को समानता, प्रेम और सद्भाव का संदेश दिया। आज के समय में उनके विचार और भी अधिक प्रासंगिक हैं, जब समाज को एकता और सामाजिक सौहार्द की सबसे अधिक आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलने के लिए प्रतिबद्ध है। 'समरसता संकल्प अभियान' समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सामाजिक समन्वय और भाईचारे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। संत रविदास जी के आदर्श हमें सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्थान के कार्यों के लिए निरंतर प्रेरित करते रहेंगे।
कार्यक्रम में मंडल प्रभारी प्रवीण पांडे, सह-प्रभारी अनिल सोनी, खुर्सीपार मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सहित सभी मोर्चा एवं प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, समाज प्रमुख और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने संत रविदास जी के बताए मार्ग पर चलकर समाज में समरसता, समानता और सद्भाव स्थापित करने के लिए सामूहिक रूप से संकल्प लिया।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल संत रविदास जी के महान विचारों को स्मरण करने का अवसर बना, बल्कि सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण के प्रति समाज की प्रतिबद्धता को भी सशक्त रूप से अभिव्यक्त करने वाला आयोजन साबित हुआ।
देश और दुनिया की हर बड़ी खबर का तुरंत अपडेट पाने के लिए नोटिफिकेशन ऑन करें।