दुर्ग। दुर्ग पुलिस में अब लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) विजय अग्रवाल ने एक बार फिर अपनी सख्त और अनुशासित कार्यशैली का परिचय देते हुए पुरानी भिलाई थाना में 40 दिनों तक रोजनामचा रिपोर्ट समय पर वरिष्ठ कार्यालय नहीं भेजे जाने के मामले में बड़ी विभागीय कार्रवाई की है। इस कार्रवाई ने पुलिस महकमे में स्पष्ट संदेश दे दिया है कि कर्तव्य पालन में कोताही बरतने वालों को किसी भी स्तर पर बख्शा नहीं जाएगा।
मामला 1 जून से 10 जुलाई के बीच का है, जब पुरानी भिलाई थाना से नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) छावनी कार्यालय को निर्धारित समय सीमा के भीतर रोजनामचा रिपोर्ट प्रेषित नहीं की गई। शिकायत मिलने पर कराई गई विभागीय जांच में अधिकारियों और कर्मचारियों की गंभीर लापरवाही उजागर हुई, जिसके बाद एसएसपी विजय अग्रवाल ने तत्काल सख्त कार्रवाई के आदेश जारी किए।
कार्रवाई के तहत तत्कालीन थाना प्रभारी अंबर सिंह भारद्वाज (वर्तमान में कांकेर में पदस्थ) और वर्तमान थाना प्रभारी विजय यादव पर एक-एक हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है। वहीं, प्रधान आरक्षक आशीष मिश्रा एवं सुभाष जाटव की एक वार्षिक वेतन वृद्धि को एक वर्ष के लिए असंचयी प्रभाव से रोक दिया गया है।
जांच में सामने आया कि दोनों प्रधान आरक्षक रोजनामचा लेखक के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में विफल रहे। उन्होंने सरकारी अभिलेखों का नियमित संधारण नहीं किया और वरिष्ठ कार्यालय को समय पर रिपोर्ट भी नहीं भेजी। इतना ही नहीं, पूर्व में जारी स्पष्टीकरण एवं स्मरण पत्रों के बावजूद कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ। प्रधान आरक्षक आशीष मिश्रा ने तो कारण बताओ नोटिस का जवाब तक प्रस्तुत नहीं किया।
वहीं, जांच में यह भी पाया गया कि दोनों थाना प्रभारी अपने पर्यवेक्षण संबंधी दायित्वों का प्रभावी निर्वहन नहीं कर सके। वे यह सुनिश्चित करने में विफल रहे कि रोजनामचा रिपोर्ट निर्धारित समय पर वरिष्ठ कार्यालय पहुंचे। कारण बताओ नोटिस के जवाब भी संतोषजनक नहीं पाए गए।
अनुशासनहीनता पर जीरो टॉलरेंस
एसएसपी विजय अग्रवाल ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि सरकारी अभिलेखों के संधारण, समयबद्ध रिपोर्टिंग और निगरानी में लापरवाही गंभीर अनुशासनहीनता है। ऐसे मामलों में विभागीय कार्रवाई अनिवार्य होगी। यह कार्रवाई सीएसपी छावनी की जांच रिपोर्ट और प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर की गई है।
पुलिस महकमे को मिला स्पष्ट संदेश
एसएसपी विजय अग्रवाल की इस कार्रवाई को दुर्ग पुलिस में अनुशासन और जवाबदेही स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उनकी कार्यशैली यह दर्शाती है कि वे कानून-व्यवस्था के साथ-साथ विभागीय कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।
इस कार्रवाई ने यह संदेश दे दिया है कि दुर्ग पुलिस में अब न केवल अपराधियों पर सख्ती होगी, बल्कि विभागीय लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी समान रूप से कार्रवाई की जाएगी। ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ काम करने वाले पुलिसकर्मियों के लिए यह एक सकारात्मक और प्रेरणादायक पहल है।
"दुर्ग पुलिस में जवाबदेही तय है और अनुशासन से समझौता नहीं होगा"— यही संदेश एसएसपी विजय अग्रवाल की इस कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे तक पहुंचा है।
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