छत्तीसगढ़

BSP में करोड़ों की स्क्रैप चोरी का बड़ा खुलासा, 7 CISF जवान सस्पेंड; सुरक्षा में सेंध पर गिरी गाज

भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) में करोड़ों रुपये के लौह स्क्रैप और ऑस्ट्रेलियन कोक चोरी मामले में अब कार्रवाई की आंच केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) तक पहुंच गई है। सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में सीआईएसएफ के सात जवानों को निलंबित कर दिया गया है। जवानों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई के बाद बीएसपी की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

Bharti college
स्पर्स

जानकारी के अनुसार, भिलाई स्टील प्लांट से करीब 250 टन लौह स्क्रैप और ऑस्ट्रेलियन कोक की चोरी का मामला सामने आने के बाद बीएसपी प्रबंधन, दुर्ग पुलिस और सीआईएसएफ तीनों स्तर पर जांच की जा रही है। करोड़ों रुपये के इस घोटाले ने न केवल बीएसपी के अंदर काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका को संदेह के घेरे में ला दिया है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था में तैनात जवानों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुकेश
Sarada

सीआईएसएफ अधिकारियों ने सात जवानों के निलंबन की पुष्टि की है। हालांकि, उन्होंने आधिकारिक तौर पर कार्रवाई के कारणों पर कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई स्क्रैप चोरी मामले में सुरक्षा संबंधी गंभीर चूक और ड्यूटी के दौरान लापरवाही के चलते की गई है। निलंबित जवानों में निरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षक स्तर के कर्मी शामिल हैं।

खाटू श्याम
Rungta

इससे पहले बीएसपी प्रबंधन ने विभागीय जांच के बाद अपने तीन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जीएम हिमांशु भूषण मलिक, इंजीनियर एसोसिएट मनोज कुमार देवांगन और नॉन-एग्जीक्यूटिव कर्मचारी धनंजय वर्मा को निलंबित कर दिया था। बाद में दुर्ग पुलिस ने जीएम हिमांशु भूषण मलिक और इंजीनियर मनोज कुमार देवांगन को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

दुर्ग पुलिस की जांच में अब तक कई अहम तथ्य सामने आए हैं। पुलिस इस मामले में बीएसपी के अधिकारियों, कर्मचारियों, ट्रांसपोर्टरों और सुपरवाइजरों समेत कुल 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की भी जांच की गई, जिसमें सीआईएसएफ के जवानों की भूमिका सामने आने के बाद विभागीय कार्रवाई की गई है।

अलताब
शमशेर

सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह पाया गया है कि सुरक्षा व्यवस्था में ऐसी चूक हुई, जिसके कारण प्लांट परिसर से बड़ी मात्रा में स्क्रैप और ऑस्ट्रेलियन कोक की निकासी संभव हो सकी। इसी आधार पर सीआईएसएफ ने संबंधित जवानों को निलंबित करते हुए विभागीय जांच शुरू की है। जांच पूरी होने के बाद उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

गौरतलब है कि इससे पहले भी सीआईएसएफ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने दो वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला किया था। अब सात जवानों के निलंबन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एजेंसी इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही को नजरअंदाज करने के मूड में नहीं है।

करोड़ों रुपये की इस स्क्रैप चोरी ने भिलाई स्टील प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। देश के सबसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात संयंत्रों में शामिल बीएसपी से इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री की चोरी होना और उसमें सुरक्षा व्यवस्था की चूक सामने आना बेहद गंभीर मामला माना जा रहा है। पुलिस और विभागीय जांच अभी जारी है और संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।