छत्तीसगढ़

मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में विवाह के नाम पर कथित धोखाधड़ी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है।

धूमधाम से हुई शादी के महज 25 दिन बाद दूल्हे और उसके परिवार के सामने ऐसा सच आया, जिसने उनकी खुशियों को तनाव और कानूनी विवाद में बदल दिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि जिस युवती से विवाह कराया गया, उसके बारे में महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए गए थे।

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जानकारी के अनुसार, शाजापुर निवासी 32 वर्षीय युवक का विवाह 29 जून को राजगढ़ जिले के एक परिवार की सदस्य के साथ पचोर स्थित एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुआ था। युवक का कहना है कि शादी में करीब पांच लाख रुपये खर्च हुए, जबकि लड़की पक्ष द्वारा एक लाख रुपये भी लिए गए। युवक के मुताबिक, वह एक वर्ष बाद विवाह करना चाहता था, लेकिन लड़की पक्ष ने जल्द शादी कराने का दबाव बनाया।

मुकेश
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विवाह के बाद पति-पत्नी के संबंध स्थापित करने को लेकर दुल्हन लगातार बहाने बनाती रही। करीब 25 दिनों तक वह किसी न किसी कारण से पति को टालती रही, जिससे परिवार के लोगों को संदेह होने लगा। परिजनों का आरोप है कि घर की महिलाओं ने उसके व्यवहार और शारीरिक बनावट को लेकर कुछ असामान्य बातें नोटिस कीं। मामला तब गंभीर हो गया जब जेठानी ने उसे दाढ़ी बनाते हुए देख लिया। इसके बाद परिवार ने उससे पूछताछ की और पड़ताल शुरू की।

खाटू श्याम
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पीड़ित परिवार का दावा है कि जांच-पड़ताल के दौरान उन्हें पता चला कि दुल्हन किन्नर है और विवाह से पहले यह तथ्य उनसे छिपाया गया था। युवक और उसके परिवार ने इसे विवाह के नाम पर धोखाधड़ी बताते हुए लड़की पक्ष से संपर्क किया और उसे वापस ले जाने की बात कही।

24 जुलाई को लड़की पक्ष के लोग शाजापुर स्थित युवक के घर पहुंचे। यहां दोनों पक्षों के बीच जमकर विवाद हुआ, जो मारपीट तक पहुंच गया। इसके बाद पीड़ित परिवार ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दुल्हन के पिता समेत पांच लोगों के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौज से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।

अलताब
शमशेर

हालांकि, पीड़ित परिवार का आरोप है कि मामले का मूल कारण विवाह के लिए महत्वपूर्ण जानकारी छिपाना और कथित धोखाधड़ी है, लेकिन पुलिस ने प्रारंभिक एफआईआर में इस संबंध में कोई धारा नहीं जोड़ी। इसे लेकर पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं।

कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। यदि जांच में यह सामने आता है कि विवाह के लिए जानबूझकर महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए गए थे और इसके आधार पर सहमति प्राप्त की गई थी, तो संबंधित धाराओं के तहत धोखाधड़ी का प्रकरण भी दर्ज किया जाएगा।

यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं पुलिस सभी तथ्यों और आरोपों की जांच में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाह के नाम पर वास्तव में धोखाधड़ी हुई थी या नहीं।