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फेक मैरिज पार्टी को लेकर बवाल, रिसॉर्ट सील करने की तैयारी,हिंदू संगठनों के विरोध के बाद पुलिस एक्शन, मैनेजर पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई

भिलाई। दुर्ग जिले में आयोजित होने जा रही एक कथित “फेक मैरिज पार्टी” को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। हिंदूवादी संगठनों और ग्रामीणों के विरोध के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और रिसॉर्ट प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। मामले को गंभीर मानते हुए रिसॉर्ट को सील करने की तैयारी भी की जा रही है।

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जानकारी के मुताबिक करंजा भिलाई स्थित कोसी रिसॉर्ट में 30 मई को “फेक मैरिज पार्टी” नाम से एक कार्यक्रम आयोजित किया जाना था। इस आयोजन की जानकारी इंटरनेट मीडिया के जरिए जैसे ही आसपास के ग्रामीणों और हिंदू संगठनों को मिली, उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि हिंदू विवाह केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सनातन धर्म के सोलह संस्कारों में सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र संस्कार है। ऐसे में “फेक मैरिज” जैसे आयोजन हिंदू परंपराओं और धार्मिक भावनाओं का अपमान हैं।

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मंगलवार को हिंदूवादी युवा मंच के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जेवरा-सिरसा पुलिस चौकी पहुंचे और जमकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए इस प्रकार के आयोजनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी भी की गई और आयोजकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठी।

खाटू श्याम
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हिंदू युवा मंच भिलाई नगर के संयोजक अमिताभ वर्मा ने कहा कि इंटरनेट मीडिया के माध्यम से जैसे ही कार्यक्रम की जानकारी मिली, संगठन ने इसका विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि “फेक मैरिज पार्टी” जैसे आयोजन हिंदू संस्कृति और विवाह संस्कार का मजाक उड़ाने वाले हैं। यह सीधे तौर पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का प्रयास है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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विवाद बढ़ने के बाद जेवरा-सिरसा पुलिस चौकी ने कोसी रिसॉर्ट के मैनेजर ब्रह्मदत्त पांडेय के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 170 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। पुलिस ने उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है। वहीं प्रशासन अब रिसॉर्ट की गतिविधियों और आयोजन की अनुमति संबंधी दस्तावेजों की भी जांच कर रहा है।

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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मामले में आगे भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है। दूसरी ओर हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इस तरह के आयोजन किए गए तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।