बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने बुधवार को बिलासपुर दौरे के दौरान भाजपा, आरएसएस और कथावाचकों को लेकर कई तीखे बयान दिए। विश्रामपुर में चल रहे धरना-प्रदर्शन में शामिल होने के बाद बिलासपुर पहुंचे बघेल ने पत्रकारों से बातचीत में केंद्र सरकार की नीतियों, धार्मिक नेताओं की भूमिका और भाजपा नेताओं पर जमकर निशाना साधा।
भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा खुद को धर्म और संस्कृति का सबसे बड़ा संरक्षक बताती है, लेकिन उसके कई नेताओं और मंत्रियों पर गंभीर आरोप लग चुके हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju का नाम लेते हुए कहा कि जिन लोगों पर गौमांस खाने जैसे आरोप लगे हों, क्या धर्मगुरु उन्हें भी उचित मानते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि धार्मिक मंचों से केवल विपक्ष को ही निशाना क्यों बनाया जाता है।
आरएसएस प्रमुख Mohan Bhagwat पर कटाक्ष करते हुए बघेल ने कहा कि उन्होंने आज तक किसी सार्वजनिक मंच से संस्कृत का एक भी श्लोक नहीं बोला, फिर भी उन्हें धर्म और संस्कृति का सबसे बड़ा प्रतिनिधि बताया जाता है। उन्होंने कहा कि धर्म का इस्तेमाल राजनीति के लिए नहीं होना चाहिए।
कथावाचक Dhirendra Krishna Shastri और Ramabhadracharya को लेकर भी बघेल ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर्ची देखकर लोगों की परेशानियां बता सकते हैं, तो उन्हें अपने गुरु के निर्देश पर देश में पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम भी कम कराकर दिखाना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य अपनी “दिव्य दृष्टि” से यह भी बताएं कि प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के सामने समझौते कर झुक क्यों जाते हैं।
इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni और प्रधानमंत्री मोदी को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चित ‘मेलोडी’ टिप्पणी पर भी बघेल ने व्यंग्य किया। उन्होंने कहा, “मेलोनी का ‘मेलो’ और मोदी का ‘डी’ मिलकर मेलोडी बन गया है, मेलोडी खाओ और खुद जान जाओ।”
भूपेश बघेल के इन बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज होने की संभावना है। भाजपा नेताओं की ओर से भी उनके बयान पर पलटवार किए जाने के संकेत मिल रहे हैं।









