भिलाई पब्लिक स्कूल
छत्तीसगढ़

गीता परिवार के 6 दिवसीय बाल संस्कार एवं व्यक्तित्व विकास शिविर का समापन, सांसद विजय बघेल ने बच्चों को किया प्रेरित

भिलाई। गीता परिवार, छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित छह दिवसीय‘संस्कार सिंचन बाल संस्कार एवं व्यक्तित्व विकास शिविर’का शनिवार को माँ सारदा विद्यालय, सेक्टर-9 भिलाई में उत्साहपूर्ण वातावरण में समापन हुआ। 25 से 30 मई 2026 तक आयोजित इस शिविर में बच्चों को भारतीय संस्कृति, वैदिक परंपराओं और आधुनिक जीवन कौशल का समन्वित प्रशिक्षण दिया गया।

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समापन समारोह के मुख्य अतिथि Vijay Baghel थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि संस्कारवान और चरित्रवान पीढ़ी ही राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला होती है। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए ज्ञान के साथ-साथ अच्छे संस्कार और अनुशासन भी आवश्यक हैं। ऐसे शिविर बच्चों को अपनी संस्कृति और मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

भारती
Sarada

गीता परिवार छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित इस शिविर में 5 से 10 वर्ष तथा 11 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों ने भाग लिया।

समशेर सिद्दीकी
खाटू श्याम
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पूरे शिविर के दौरान बच्चों को एक्टिविटी बेस्ड पद्धति के माध्यम से मनोरंजक एवं प्रेरणादायक तरीके से शिक्षित किया गया। बच्चों ने संस्कार शिक्षा, वैदिक ज्ञान, श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक, सनातन संस्कृति के मूल सिद्धांत, योग, ध्यान और सूर्य नमस्कार जैसी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

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शिविर में आर्ट एंड क्राफ्ट, कीर्तन, जुम्बा, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, लाइफ स्किल्स, टैलेंट शो तथा व्यक्तित्व विकास संबंधी विशेष सत्र भी आयोजित किए गए। गीता परिवार छत्तीसगढ़ ने विभिन्न कक्षाओं का संचालन करते हुए बच्चों को सरल और रोचक ढंग से प्रशिक्षण प्रदान किया।

अलताब
क्रिश्चियन कॉलेज

श्रीमती उर्मिला माहेश्वरी ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनकी सांस्कृतिक जड़ों, भारतीय परंपराओं और उच्च नैतिक मूल्यों से जोड़ना है, ताकि वे आधुनिक जीवन की चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ कर सकें। शिविर में समय प्रबंधन, लक्ष्य निर्धारण, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक व्यवहार जैसे महत्वपूर्ण जीवन कौशलों का भी प्रशिक्षण दिया गया।

शिविर के दौरान अभिभावकों के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए, जिनमें बच्चों के सर्वांगीण विकास में परिवार की भूमिका, सकारात्मक पारिवारिक वातावरण और संस्कारयुक्त जीवन शैली पर मार्गदर्शन दिया गया। समापन अवसर पर प्रतिभागी बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप उपहार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

छह दिनों तक चले इस शिविर ने बच्चों में संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और भारतीय संस्कृति के प्रति जुड़ाव को मजबूत करने का सफल प्रयास किया। समापन समारोह में बड़ी संख्या में अभिभावक, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गीता परिवार के पदाधिकारी उपस्थित रहे।