महानदी का रौद्र रूप: बाढ़ की चपेट में गांव, खेत और मंदिर; प्रशासन ने शुरू कराया मकान खाली
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। रायगढ़ जिले समेत महानदी के किनारे बसे कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। महानदी और मांड नदी के उफान पर आने तथा गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, बुधवार शाम से महानदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शाम करीब चार बजे से नदी का पानी तेजी से बढ़ना शुरू हुआ और गुरुवार सुबह तक स्थिति चिंताजनक बनी रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी का जलस्तर हर घंटे लगभग चार फीट तक बढ़ रहा था, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। प्रशासन की टीम लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के बाद महानदी का पानी कई गांवों तक पहुंच चुका है। सूरजगढ़, नदीगांव, तोरा, पोरथ, पड़ीगांव, लिप्ती, चंगोरी, सिंघपुरी, बाराडोली, परसापाली, खपरापाली और रायपाली समेत अनेक गांवों के निचले इलाकों में पानी पहुंचने की सूचना है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पांच गांवों के लोगों को अपने मकान खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों के लिए भी तैयारियां कर ली गई हैं।
बढ़ते जलस्तर का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ता दिखाई दे रहा है। नदी किनारे स्थित कई खेत पानी में डूब गए हैं, जिससे धान समेत अन्य फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। किसानों की चिंता इस बात को लेकर भी बढ़ गई है कि यदि बारिश और जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी रहा तो नुकसान और अधिक हो सकता है।
आस्था के केंद्र भी बाढ़ के पानी से अछूते नहीं रहे हैं। पोरथ धाम मंदिर परिसर में भी पानी भरना शुरू हो गया है और पूरा परिसर जलमग्न होने की स्थिति में पहुंच गया है। मंदिर परिसर में बढ़ते पानी को देखकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे जाने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। साथ ही ग्रामीणों को सतर्क रहने, बच्चों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल प्रशासन को देने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग द्वारा प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में आने वाले 24 से 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। यदि बारिश का दौर जारी रहता है तो प्रभावित गांवों की संख्या बढ़ सकती है। प्रशासन ने राहत और बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखते हुए स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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